आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में मरीज की स्वास्थ्य जांच करते डॉ. संजीव शर्मा। संवाद
हमीरपुर। आुयर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में गुद्दा रोग से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शल्य तंत्र विशेषज्ञ के पास रोजाना 40 के करीब ओपीडी है। इसमें 15 से 20 मरीज केवल गुद्दा रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं।
हालांकि पहले यह ओपीडी 10 से 15 होती थी। अब लगातार यह संख्या बढ़ रही है। उचित खानपान नहीं अपनाने से इन मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके अलावा जोड़ों के दर्द से पीड़ित मरीज भी पहुंच रहे हैं।
आयुर्वेद में गुद्दा रोग के बड़े गंभीर मरीजों का इलाज पंचकर्म, क्षार सूत्र और क्षार सूत्र कर्म जैसी विधियों से किया जाता है। यह रोग की गंभीरता पर निर्भर करता है। चिकित्सक की ओर से रोग का गहन मूल्यांकन करके सही उपचार विधि तय की जाती है।
यह लक्षणों को कम करने के साथ-साथ रोग को जड़ से ठीक करने में मदद करता है। गुद्दा रोग से बचाव के लिए स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। फाइबर युक्त आहार लेना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। वहीं, कब्ज से बचना चाहिए। इसके अलावा तंग कपड़ों से बचना चाहिए।
कोट
रोजाना 20 के करीब मरीज गुद्दा रोग से पीड़ित आ रहे हैं। मरीजों को गुद्दा रोग से बचाव के लिए सलाह सहित अन्य जानकारी दी जाती हैं। बेहतर खानपान अपनाकर इस रोग से बचा जा सकता है।
-डॉ. संजीव शर्मा, शल्य तंत्र विशेषज्ञ, आयुर्वेदिक अस्पताल, हमीरपुर