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Hamirpur (Himachal) News: लोअर हड़ेटा में सुनाया कंस बध का प्रसंग

Mon, 12 May 2025 07:27 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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लोअर हड़ेटा में श्रीमदभागवत कथा के दौरान भजन कीर्तन पर झूमते लोग। जागरूक पाठक।
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रामतीर्थ में श्रीमद्भागवत कथा संकीर्तन महा महोत्सव
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गलोड़ (हमीरपुर)। लोअर हड़ेटा के रामतीर्थ में श्रीमद्भागवत कथा संकीर्तन महा महोत्सव कथा के छठे दिन कथाव्यास अमित लखनपाल ने कंस वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग सुनाए।
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उन्होंने बताया कि जब पृथ्वी पर कंस के अत्याचार से बढ़ गए तो लोग भगवान से गुहार लगाने लगे। तब भगवान श्री कृष्ण धरती पर अवतरित हुए। कंस ने बाल्यावस्था में ही श्रीकृष्ण को कई बार मरवाने का प्रयास किया, लेकिन हर प्रयास असफल साबित होता रहा। कंस ने मल्ल युद्ध के बहाने 11 वर्ष की अल्पायु में कृष्ण और बलराम को मथुरा बुलवाकर शक्तिशाली योद्धा और पागल हाथियों से कुचलवाकर मारने का प्रयास किया, लेकिन वे सभी श्रीकृष्ण और बलराम के हाथों मारे गए। अंत में श्रीकृष्ण ने अपने मामा कंस का वध कर मथुरा नगरी को उनके अत्याचारों से मुक्ति दिला दी। कंस वध के बाद श्रीकृष्ण ने माता-पिता वसुदेव और देवकी और महाराज उग्रसेन को कारागार से मुक्त कराया। उन्होंने बताया कि माता लक्ष्मी का अवतार रुकमणी विदर्भ साम्राज्य की पुत्री थी। वह श्रीकृष्ण से विवाह करने की इच्छुक थी, मगर रुक्मिणी के पिता व भाई इससे सहमत नहीं थे। इसके चलते उन्होंने रुकमणी के विवाह में जरासंध और शिशुपाल को भी आमंत्रित किया था, जैसे ही यह खबर रुक्मिणी को पता चली तो उन्होंने दूत के माध्यम से अपने दिल की बात श्रीकृष्ण तक पहुंचाई और काफी संघर्ष हुआ। युद्ध के बाद श्री कृष्ण रुक्मिणी से विवाह करने में सफल रहे
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