मैहरे (हमीरपुर)। नगर पंचायत बड़सर के गठन को लेकर उपजा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंचने जा रहा है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
हाई कोर्ट की ओर से राज्य सरकार के निर्णय को सही ठहराते हुए दायर अपील खारिज किए जाने के बाद असंतुष्ट पक्ष ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला लिया है। याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने जा रहे हैं, जिससे यह मामला अब कानूनी दांव-पेच में उलझकर और अधिक संवेदनशील व चर्चित बनने जा रहा है।
बड़सर उपमंडल मुख्यालय होने के चलते नगर पंचायत की आवश्यकता को देखते हुए इसका गठन किया था, लेकिन इसके दायरे में शामिल की गई पंचायतों को लेकर शुरुआत से ही विवाद बना रहा। नगर पंचायत के गठन में चार पंचायतों के क्षेत्रों को शामिल किया है, जबकि कई गांवों को बाहर रखने के निर्णय पर स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
याचिकाकर्ताओं में बलबीर सिंह बनयाल, पूर्व बीडीसी सदस्य मुकेश बनयाल, पूर्व उपप्रधान राजपाल, पूर्व वार्ड पंच पवन कुमार, सरोज कुमारी, सुरेश कुमारी और रीता देवी सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी ने नगर पंचायत गठन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार पर पक्षपात के आरोप लगाए हैं।
इन लोगों का कहना है कि बड़सर पंचायत के जब्बल खैरियां, बलियाह पंचायत के बरोली, विरसवीं, घुमारवीं, बढ़नी, हारमां और भकरेड़ी पंचायत के मकतेहड़ी व रैहल जैसे कई क्षेत्रों को नगर पंचायत में शामिल नहीं किया गया, जबकि बणी पंचायत को पूरी तरह शामिल कर लिया गया। इस असमानता को लेकर ही अब विरोधी पक्ष न्याय की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर रहा है।