हमीरपुर। पूर्व सैनिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए हमीरपुर स्थित टाइप बी ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम) अस्पताल के फिजियोथेरेपी यूनिट की मशीनरी में बढ़ावा होगा। ईसीएचएस अस्पताल में फिजियोथेरेपी की नई यूनिट स्थापित की जा रही है।
इसके लिए भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस भवन और मशीनरी पर दस लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। हालांकि ईसीएचएस में फिजियोथेरेपी यूनिट को संचालित किया जा रहा है, लेकिन इसमें एक समय में केवल एक या दो मरीजों को ही फिजियो की सुविधा मिल पाती है। ऐसे में नया भवन बनने से एक साथ पांच से अधिक मरीजों को फिजियोथेरेपी की सुविधा मिलेगी।
दिनभर सौ के करीब मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। फिजियोथेरेपी यूनिट का कार्य 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पूर्व सैनिकों को इसका लाभ मिल सके। फिजियोथेरेपी यूनिट में लगने वाली मशीनरी भी ईसीएचएस यूनिट में पहुंचना शुरू हो गई है। फिजियोथेरेपी यूनिट को बढ़ावा देने का उद्देश्य दवाइयों के बोझ को कम करना है।
चिकित्सकों के अनुसार हर रोग का इलाज दवा नहीं है। ऐसे में फिजियोथेरेपी की जाती है। फिजियोथेरेपी यूनिट में शार्ट वेव डायथेरेपी एक ही उपलब्ध है, जिन्हें बढ़ाकर दो किया जाएगा। लंबर एंड सर्वाइकिल टेक्शन वर्तमान में एक मशीन उपलब्ध है, इसकी संख्या भी बढ़ाकर दो की जाएगी। ट्रांसक्यूटेनियश इलेक्ट्रिकल नर्व स्टिमुलेशन (टीईएनएस) की वर्तमान में तीन मशीनें हैं, जिन्हें बढ़ाकर छह किया जाएगा।
अल्ट्रा सोनिक शेल्टर को भी बढ़ाकर दो से चार किया जाएगा। थैरोपेटिक बेड की संख्या को एक से बढ़ाकर दो किया जाएगा। इन्फ्रारेड हील की मशीन को बढ़ाकर तीन से छह किया जाएगा। वैक्स बाथ (हाइड्रो क्लेक्ट्रल हीलिंग सिस्टम) को दो से बढ़ाकर चार किया जाएगा। डायग्नल एबडेक्शन डिवाइस को दो से बढ़ाकर पांच किया जाएगा। इसके अलावा हाथ, पैरों की एक्सरसाइज के लिए भी उपकरण लगाए जाएंगे।
कोट :
फिजियोथेरेपी यूनिट का निर्माण अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए इसे शुरू कर दिया जाएगा। उपकरण पहुंचना शुरू हो गए हैं तथा कुछ उपकरण 20 अप्रैल तक पहुंच जाएंगे।
-कर्नल चंद्रशेखर, ऑफिसर प्रभारी, ईसीएचएस हमीरपुर