बस्सी–तताहर सड़क से मशीनरी दूसरी जगह लेने पर ग्रामीणों ने रोका
लोक निर्माण विभाग और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला हुआ शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
भरेड़ी (हमीरपुर)। बस्सी–तताहर सड़क का कार्य अधूरा छोड़ने पर वीरवार सुबह ग्रामीण भड़क गए। सड़क निर्माण कर रही कंपनी निर्भया कंस्ट्रक्शन की ओर से मशीनरी को दूसरी साइट पर ले जाने की तैयारी चल रही थी। इसकी भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और हंगामा किया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस भी मौके पर पहुंची, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग की मध्यस्थता से मामला शांत हो पाया। एफडीआर तकनीक से बन रही यह सड़क करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही है। एक वर्ष से काम अधूरा पड़ा है, जिस कारण स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सुबह कंपनी का स्टाफ अधूरा कार्य छोड़ मशीनरी झनिकर सड़क पर ले जाने लगा। इस पर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए साइट पर पहुंचकर कर्मचारियों को घेर लिया। पपलाह पंचायत के प्रधान अंकुश सैणी और उपप्रधान शशिकांत शर्मा ने बताया कि कंपनी का एक टिपर पहले ही निकल चुका था, लेकिन सड़क साफ करने वाला ट्रैक्टर ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक दिया। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी कि काम पूरा किए बिना मशीनरी नहीं जाएगी।
लोक निर्माण विभाग के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने मौजूदा स्थल पर दोबारा काम शुरू करने का आश्वासन दिया और मशीनरी रोकी गई। स्थानीय लोगों में प्रवीण, कमल किशोर शर्मा, काकू, विपिन चौधरी, रिखी राम, भोला सहगल, अनिल चौधरी समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
कंपनी कर्मी बोले, राजनीतिक दबाव में दूसरी साइट पर भेजी जा रही मशीनरी
कंपनी कर्मचारियों के अनुसार उन्हें राजनीतिक दबाव में झनिकर सड़क पर काम शुरू करने के आदेश दिए गए हैं, जिसके चलते वे मशीनरी वहां ले जा रहे थे। उनका कहना था कि झनिकर का कार्य पूरा कर वे दोबारा बस्सी–तताहर सड़क पर लौट आएंगे। लेकिन ग्रामीण इस तर्क से सहमत नहीं हुए। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में निम्न स्तरीय कार्य हो रहा है। भरेड़ी चौक के पास सड़क पहले ही उखड़ने लगी है, पेवर ब्लॉक के लिए छोड़े गए 15 से 20 पैच खराब हो चुके हैं, बरसात में आया मलबा अभी तक नहीं हटाया गया और कई जगह नालियां बंद पड़ी हैं।
कोट
कंपनी ने कार्य फिर शुरू कर दिया है। पहले भरेड़ी से खड्ड बाजार तक का अधूरा काम पूरा किया जाएगा, उसके बाद ही मशीनरी दूसरी साइट पर भेजी जाएगी।
-प्रवीण कुमार, जेई, लोक निर्माण विभाग