हमीरपुर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नादौन गीतिका कपिला की अदालत ने लापरवाही और वाहन की तेज रफ्तार से हुई हत्या के मामले में दोषी व्यक्ति को आठ माह का कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषी की पहचान कश्मीर सिंह गांव असरा टीला डाकघर किटपल तहसील नादौन जिला हमीरपुर के रूप में हुई है।
25 जनवरी 2013 को सुबह करीब सात बजे दोषी व्यक्ति नादौन बस स्टैंड पर एक निजी बस को स्टार्ट कर रहा था। इस दौरान बस चल पड़ी, जिसकी चपेट में आकर बस स्टैंड पर खड़े कई लोग घायल हो गए। इसमें से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर घायल हुए थे। नादौन पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की और मामले की छानबीन के बाद चालान न्यायालय में पेश किया।
सहायक लोक अभियोजक आशीष शर्मा ने इस मामले की न्यायालय में पैरवी की, जबकि एएसआई हितेंद्र सिंह और एसआई मुकेश कुमार ने इस मामले की छानबीन की है। न्यायालय में इस मामले में कुल 36 गवाह पेश हुए। बुधवार को अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 279 में तीन माह का कारावास और 500 रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 336 के तहत एक माह का कारावास और 250 रुपये जुर्माना, भादसं की धारा 337 के तहत तीन माह का कारावास और 500 रुपये जुर्माना, जबकि भादसं की धारा 304-ए के तहत आठ माह का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने पर तीन दिन का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। यह सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।