हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में टेस्टिंग ड्रग किट से नशे की लत में फंसे स्कूल के विद्यार्थियों की पहचान होना शुरू हो गई है। बच्चों की ड्रग टेस्टिंग में भांग, धूम्रपान और तंबाकू के नशे की पुष्टि हुई है।
अब तक करीब 13 टेस्टिंग ड्रग किट्स का प्रयोग किया गया है, जिनमें तीन बच्चों में नशे की लत में फंसने की पुष्टि हुई है। यह बच्चे 10 से 20 साल के हैं। अभिभावकों की सहमति से यह टेस्ट हुए हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की बाल रोग ओपीडी के काउंसलर ने इन बच्चों की काउंसलिंग की है। अभिभावकों से भी बच्चों पर नजर रखने का आग्रह किया है। युवाओं में नशे का प्रचलन बढ़ गया है।
नशे की लत से जूझ रहे बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 700 ड्रग किट्स जिला के स्वास्थ्य खंडों और मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भेजी हैं। मेडिकल कॉलेज को करीब 100 किट प्राप्त हुई हैं।
टेस्टिंग ड्रग किट्स के माध्यम से अभिभावक यह पता लगा सकते हैं कि उनका बच्चा नशे का सेवन करता है कि नहीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि टेस्टिंग ड्रग किट्स का इस्तेमाल सुचारू रूप से होना चाहिए, ताकि नशा कर रहे बच्चों का पता लगाया जा सके। पता चलने पर उन बच्चों की काउंसलिंग भी शुरू हो जाएगी। जिन बच्चों को इलाज की जरूरत होगी, उनका इलाज भी सुनिश्चित किया जाएगा। संवाद