कमलेश रतन भारद्वाज
हमीरपुर। जिले की सबसे दुर्गम और हादसों के लिए बदनाम टौणीदेवी-जंगलबैरी वाया ऊहल-कक्कड़ सड़क अब सुरक्षित सफर की ओर बढ़ेगी। लगातार हो रहे जानलेवा हादसों के बीच लोक निर्माण विभाग ने सड़क विस्तारीकरण को लेकर करीब 25 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर सरकार को भेज दी है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशों पर इस सड़क को मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है, जिससे योजना को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जगी है। इस सड़क पर हर दो-तीन माह में हादसे हो रहे हैं। बीते वीरवार को बारात से लौट रही एक कार कक्कड़ के पास खाई में गिर गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
वहीं, जिस स्थान से वाहन गिरा, वहां पैराफिट नहीं थे। यदि सुरक्षा दीवार होती, तो कार के करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरने से बचने की संभावना थी। यह कोई पहला हादसा नहीं है, बल्कि बीते एक दशक में यहां दर्जनों दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
योजना के तहत सड़क को दो चरणों में चौड़ा किया जाएगा। टौणीदेवी से ऊहल तक तीन मीटर चौड़ी सड़क को साढ़े पांच मीटर और ऊहल से जंगलबैरी तक सड़क को पौने चार मीटर चौड़ा किया जाएगा। साथ ही, ब्लैक स्पॉट्स पर पैराफिट, तंग मोड़ों को चौड़ा करने के अलावा अन्य सुरक्षात्मक उपाय किए जाएंगे।
यदि यह योजना सिरे चढ़ती है, तो टौणीदेवी, ऊहल, कक्कड़ और जंगलबैरी क्षेत्र की 15 से 20 पंचायतों के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह मार्ग टौणीदेवी, जंगलबैरी और जिला मुख्यालय से संपर्क का प्रमुख रास्ता है। लंबे समय से स्थानीय लोग सड़क विस्तारीकरण और सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे थे।
यह है योजना
-टौणीदेवी से ऊहल : 7.300 किमी सड़क साढ़े पांच मीटर चौड़ी होगी।
-ऊहल से जंगलबैरी : 21.700 किमी सड़क पौने चार मीटर चौड़ी होगी।
-29 किमी सड़क की मौजूदा चौड़ाई : कई हिस्सों में मात्र तीन मीटर होगी।
-दर्जनों ब्लैक स्पॉट्स तीखे मोड़ होंगे चौड़े, लगाए जाएंगे पैराफिट।
कोट
डीपीआर निदेशालय भेज दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इसे मुख्यमंत्री प्राथमिकता के तहत तैयार किया गया है। सड़क को यातायात के लिए बेहतर और सुरक्षित बनाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
-नीतीश भारद्वाज, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, टौणीदेवी