हमीरपुर। जिले में लावारिस पशुओं के लिए 28 गोसदन संचालित किए जा रहे हैं। इन गोसदनों में जनसहयोग से बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से उम्मीदों के मुताबिक सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे में इन गोसदनों के संचालन में सरकारी की ओर से पर्याप्त सहयोग की दरकार है। जिले में लावारिस गोवंश के लिए ठाकुरद्वारा गोशाला जमली धाम सहारा बना हुआ है। 100 की क्षमता वाली गोशाला में 98 गोवंश को सहारा दिया गया है।
समय 12:34 मिनट, दिन बुधवार।
गोशाला जमली धाम में गोवंश बंधा हैं। गोवंश की सेवा के लिए रखे कर्मी गोवंश को चारा डाल रहे हैं। गोशाला में सफाई व्यवस्था दुरुस्त बनी है। दान से आए गेहूं सहित अन्य सामान की पिसाई की जा रही। इस सामग्री को चारे में मिलाकर गोवंश को खिलाया जाएगा। तुड़ी और गोवर को रखने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। गर्भवती गायों को रखने के लिए अलग से कमरे की व्यवस्था की जा रही है।
गौर हो कि गोशाला जमली धाम की स्थापना 2000 में की गई, तब से यहां पर गोवंश को रखा जा रहा है। गोवंश की सुविधा के लिए पानी का टैंक बनाया गया है। वहीं, गोवंश को ठंड से बचाव के लिए भी व्यवस्था की गई है। जमली धाम गोशाला में छह कर्मी रखे गए हैं, जो झारखंड के हैं। महीने में गोवंश के चारे सहित अन्य सुविधाओं पर करीब दो लाख रुपये का खर्च होता है।
इसके अलावा गोवंश के गौबर से धूप, अगरबत्तियां सहित अन्य उत्पाद बनाए जा रहे हैं। जिला हमीरपुर में 28 गोसदन और एक गो अभ्यारण्य है, जिसमें 2236 पशु रखे गए हैं। लगभग हर गोसदन में जनसहयोग से बेहतर व्यवस्था है, लेकिन सरकार की ओर से वित्तीय सहयोग को बढ़ाने की मांग संचालकों की ओर से की जा रही है, ताकि इन्हें और बेहतर बनाया जा सके।
सहायता राशि में हो बढ़ोतरी
ठाकुरद्वारा गोशाला जमली धाम के अध्यक्ष रसील सिंह मनकोटिया ने कहा कि गोवंश के लिए तमाम सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार की ओर से प्रति पशु हर महीना 700 रुपये दिया जाता है, जो कि नाकाफी है। सरकार से गोसदन को चलाने के लिए उतनी सहायता नहीं मिल पाती, जितनी आवश्यकता है। जो राशि मिलती है, वह भी दो-दो माह बाद ही मिलती है। इसे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए गोसदन बनाने के बजाय पुराने गोसदन की व्यवस्था ठीक करने पर जोर दिया जाना चाहिए। हालांकि, समाजसेवियों के सहयोग से कभी भी चारे की कमी नहीं होने दी जाती है।
ठाकुरद्वारा गोशाला जमली धाम में मौजूद गोवंश। संवाद
ठाकुरद्वारा गोशाला जमली धाम में मौजूद गोवंश। संवाद