हमीरपुर। प्रदेश पुलिस विभाग ने बीस दिन के बाद एडिशनल एसपी हमीरपुर विजय सकलानी की सुपरवाइजरी शक्तियां बहाल कर दी हैं। दो गंभीर मामलों का हवाला देते हुए पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने 10 सितंबर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर की सुपरवाइजरी शक्तियां छीन ली थीं। जिन दो गंभीर मामलों का पुलिस निदेशालय ने हवाला दिया था, उसमें एक भोरंज पुलिस थाना और दूसरा हमीरपुर पुलिस थाना से जुड़ा हुआ है।
वर्ष 2019 में भोरंज थाने में एक महिला से मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। महिला के पिता ने थाने की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक शिमला को शिकायत पत्र भेजा था। जबकि, पुलिस थाना हमीरपुर में राज्य बिजली बोर्ड हमीरपुर के अधिशासी अभियंता ने वन विभाग हमीरपुर के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में शिकायत पत्र दिया था। अणु से नया बस स्टैंड के लिए प्रस्तावित जगह तक 11 केवी बिजली लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। बिजली बोर्ड डांगक्वाली स्थित वन विभाग की भूमि पर चार बिजली खंभे लगाए थे, जिसे वन विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के उखाड़ दिया था। इन दो मामलों का हवाला देते हुए पुलिस निदेशालय ने एएसपी की सुपरवाइजरी शक्तियां छीनी थीं।
बाद में पता चला कि डीजीपी डिस्क अवार्ड के लिए आवेदन को लेकर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ एएसपी के बीच कहासुनी हुई थी, जिससे वरिष्ठ अधिकारी काफी आहत थे। जिसके चलते भोरंज और हमीरपुर थाने के दो मामलों को तूल दिया गया। डीआईजी मंडी मधुसूदन शर्मा गत दिवस हमीरपुर पहुंच कर एक मामले की जांच भी कर चुके हैं। दूसरे मामले की जांच आईजी शिमला हिमांशु मिश्रा कर रहे हैं। एडिशनल एसपी ने बीते शुक्रवार को शिमला में पुलिस महानिदेशक के समक्ष अपना पक्ष रखा। जिसके बाद एएसपी को राहत देते हुए उनकी सुपरवाइजरी शक्तियां बहाल कर दी हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा ने माना कि विभाग ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर की सुपरवाइजरी शक्तियां बहाल कर दी हैं।