सबसे पहले इन्होंने भारतीय वायु सेना के हल्के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के आकार की फॉर्मेशन बनाई। इसके बाद विश्व के बेहतरीन लड़ाकू विमानों में शुमार सुखोई के आकार की फॉर्मेशन में उड़ान भरी। इसके बाद डायमंड, डीएनए, हृदय और अन्य आकृतियां बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हवा में कई कलाबाजियां करना, 90 डिग्री के कोण पर ऊपर की उड़ना और फिर इसी डिग्री पर नीचे की ओर आना, विमानों के समूह के बीच में से एक विमान के दनदनाते हुए गुजरना, 360 डिग्री पर रोल करना और आसमान में सूर्य की किरणों जैसी छटा बिखेरने जैसे कई करतब दिखाकर वायु सेना के इन कुशल अधिकारियों एवं पायलटों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। अपनी आखिरी फॉर्मेशन में इन जांबाजों ने तीर की आकृति में उड़ान भरते हुए बलिदानी विंग कमांडर नमांश स्याल को नमन करते हुए विदा ली।
इस दौरान सूर्य किरण एरोबेटिक टीम की कमेंटेटर फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने बहुत ही प्रभावशाली ढंग से इस एयर शो की जानकारी दर्शकों तक पहुंचाई तथा इस टीम के अधिकारियों का परिचय करवाया। स्क्वॉड्रन लीडर संजेश सिंह ने ग्राउंड ड्यूटी की जिम्मेदारी निभाते हुए पायलटों के साथ समन्वय स्थापित किया। इस मौके पर सैनिक स्कूल की प्रधानाचार्य एवं वायु सेना की वरिष्ठ अधिकारी कैप्टन रचना जोशी ने डीसी गंधर्वा राठौड़, एसपी बलवीर सिंह और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।
एयर शो के प्रति लोगों में दिखा भारी उत्साह : राठौड़
सुजानपुर (हमीरपुर)। एयर शो के आयोजन के लिए वायु सेना का आभार व्यक्त करते हुए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि इसके प्रति लोगों में भारी उत्साह नजर आया और इसमें उम्मीद से ज्यादा भीड़ उमड़ी। इसमें सुजानपुर और हमीरपुर के अलावा साथ लगते जिला कांगड़ा और मंडी के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचे।
आसमान में हजारों लोगों ने देखे विमानों के हैरतअंगेज करतब।
- फोटो : संवाद
एक घंटे तक जाम में फंसे रहे लोग
सैनिक स्कूल सुजानपुर के मैदान में एयर शो समाप्त होने के बाद लोगों को अपने गंतव्य की ओर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुजानपुर हमीरपुर सड़क के सिंगल लेन होने से एक घंटे तक गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। पुलिस कर्मियों को जाम खुलवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जाम को खुलवाया गया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए।