हमीरपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश का 45वां प्रदेश अधिवेशन शनिवार को संपन्न हुआ। इस तीन दिवसीय अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए छात्रों, कार्यकर्ताओं और शिक्षा क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया।
अधिवेशन में प्रदेश के शिक्षा जगत में आ रहे बदलावों और चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों में प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, छात्रों के समग्र विकास के लिए गतिविधियों को बढ़ावा देने और नए रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के आरंभ के सुझाव शामिल थे। अधिवेशन के दौरान वक्ताओं ने प्रदेश में शिक्षा प्रणाली के सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश में शिक्षा को आधुनिक तकनीकी साधनों के साथ जोडऩे पर भी विचार किया गया।
यह निर्णय लिया गया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आने वाले वर्षों में प्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में डिजीटल सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रयासरत्त रहेगा। अधिवेशन में राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। छात्रों को उनकी शिक्षा और करियर संबंधी कठिनाइयों में मदद के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी। इसमें विभिन्न कॅरिअर गाइडेंस कार्यक्रम, छात्रवृति, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सेमिनार शामिल होंगे।