हमीरपुर। खेती की लागत कम करने एवं मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से शुरू की गई मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत इस साल जिला हमीरपुर में 6540 मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। यह आंकड़ा पिछले साले के मुकाबले 916 अधिक है।
पिछले साल 5624 मिट्टी के नमूने लिए गए थे। कृषि विभाग की टीमों ने नमूनों को एकत्रित करना शुरू कर दिया है। अब तक 2261 मिट्टी के नमूने एकत्रित कर लिए गए हैं, जिसमें से लगभग 350 नमूनों की जांच कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को वितरित कर दिए हैं।
मृदा नमूना एकत्रीकरण का कार्य कृषि विभाग के कर्मचारियों की ओर से किया जा रहा है। प्रयोगशाला में प्राप्त मृदा नमूनों की जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए जाएंगे, जिससे वह अपनी मृदा गुणवत्ता के आधार पर उपयुक्त फसल का चयन कर सकेंगे। इन नमूनों की सहायता से मिट्टी की सेहत का पता लगाया जाता है।
मिट्टी की सेहत जानने के बाद उसमें उर्वरक आदि के प्रयोग की भी जानकारी दी जा रही है। इससे किसान को मिट्टी में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की कमी के बारे में जानकारी मिलती है। उन पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए किसानों की ओर से आवश्यक कदम भी उठाए जाते हैं।
कोट
-मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत इस साल जिला में 6540 मिट्टी के नमूने जांचने का लक्ष्य निर्धारित है। अब तक 2261 मिट्टी के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनकी जांच जारी है। अब तक 350 नमूनों की जांच कर इन्हें किसानों को वितरित किया गया है।
-शशिपाल अत्री, उपनिदेशक, कृषि विभाग, हमीरपुर