संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। 15 वर्ष पहले लापता जवान बलदेव को सोशल मीडिया ने अपने परिवार से मिलाया है।
ग्राम पंचायत बनाल के गांव घरथोली निवासी बलदेव वर्ष 2010 में अपने भाई की शादी में शामिल होने के बाद घर से दिल्ली और फिर वहां से गुवाहटी–अगरतला में अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। बलदेव पैरामिलिट्री फोर्स की जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (ग्रैफ) में भर्ती थे और सूबेदार किरपा ठाकुर के पुत्र हैं।
परिजनों और अधिकारियों ने वर्षों तक उनकी तलाश की पर कोई सुराग नहीं मिला। बताया जा रहा है कि उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। लॉकडाउन के दौरान राजस्थान के बीकानेर जिले की तहसील छत्तरगढ़ के निवासी मनोहर सिंह की मुलाकात बलदेव से हरियाणा के हिसार में एक होटल में हुई। जहां वह काम कर रहे थे। मनोहर उन्हें अपने साथ राजस्थान ले आए और कोरोनाकाल में उन्हें एक गोशाला में रखा।
इस दौरान बलदेव अपने घर का पता ऊना जिला के गांव चबूतरा बताते रहे, लेकिन वहां खोजबीन करने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। अंगूठे के निशान से पहचान स्थापित करने का प्रयास भी असफल रहा। बाद में एक महिला ने बलदेव का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया। यही वीडियो सुजानपुर के एक व्यक्ति को मिला।
वीडियो में बलदेव अपने बेटे का नाम सही बता रहे थे और परिवार के अन्य सदस्यों को भी पहचान रहे थे। इस आधार पर उसने उनके परिजनों से संपर्क किया और उसके बाद परिवार ने मनोहर सिंह से संपर्क साधा। अब बलदेव के परिजन शनिवार को राजस्थान जाकर उन्हें घर वापस लाने वाले हैं।