संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। साहब फील्ड में है और एसी 18 डिग्री पर कमरे को ठंडक दे रहा है। कमरे में ट्यूबलाइट भी जल रही है। इस कार्यालय में लगभग हर कमरे में लाइटें भी दिन में जली हैं और पंखे भी चले हुए है। कुछ कमरों में न तो अधिकारी हैं और न तो कर्मी, लेकिन बिजली का मीटर रफ्तार में है।
यह उस नगर निगम कार्यालय के हाल हैं, जहां करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के भुगतान किए जाने बाकी हैं, जबकि नगर निगम बनने के बाद शहर में एक भी नया कार्य शुरू नहीं हो सका है।
दोपहर 12:11 बजे नगर निगम कार्यालय हमीरपुर में सहायक आयुक्त के कमरे में एसी 18 डिग्री पर चल रहा है। साहब की कुर्सी खाली है। एक महिला कर्मी से पूछा साहब कहां है। जवाब मिला अभी कूड़ा संयंत्र का करने निरीक्षण के लिए निकले हैं। पिछले कल ही यह कमरा उन्हें आवंटित हुआ है।
इससे पहले नगर परिषद के दौर में यहां पर अध्यक्ष बैठते थे। वहीं, गृहकर की ब्रांच से आगे बढ़ते ही हॉल में कई कर्मचारी अपने-अपने कैबिन में सेवाएं दे रहे हैं। यहां पर एक कर्मचारी ने चपरासी को फटकारते हुए कहा कि साहब कमरे से बाहर जाते हैं, तो एसी बंद कर दिया करो। चेहरा लटकाए चपरासी कहते हैं, साहब एसी रिमोट नहीं मिल रहा।
कुछ देर तक रिमोट की पड़ताल होती है, फिर स्वीच से एसी को बंद दिया जाता है। हॉल के ठीक सामने आयुक्त का कमरा है। यहां पर बाहर से ही लाइटें जलती और सीलिंग फैन चलता दिख रहा है, जबकि अधिकारी कमरे में नहीं है। नजरें हटते ही चपरासी इस कमरे से पंखे और लाइट को बंद कर देता है।
वहीं, दोपहर 12:36 बजे एसडीओ ब्रांच के दरवाजे के साथ वाले कैबिन में पंखा चल रहा है। एसडीओ के कमरे में नगर परिषद के तीन पूर्व पार्षद बैठे हैं। एक मनोनीत पार्षद है, जबकि दो चुने हुए पार्षद रहे हैं। कुछ ही देर में वह भी कमरे से बाहर चले जाते हैं, लेकिन पंखे और लाइटें चल रही हैं।
बगल वाले कमरे में कर्मचारी अपना कार्य कर रहे हैं, लेकिन आगे वाले कमरे में यही हाल है। कमरा खाली है और पंखे चल रहे हैं।
नगर निगम हमीरपुर के सहायक आयुक्त के कमरे चल रहा एसी जबकि अधिकारी कमरे में नहीं हैं। संवाद।