हमीरपुर। जिले की पंचायतों में अब कूड़े की छंटाई के लिए शेड बनाए जाएंगे। एडीसी अभिषेक गर्ग ने सभी बीडीओ को प्राथमिकता के आधार पर पंचायतवार शेड बनाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बुधवार को हमीर भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में उन्होंने 10 दिन के भीतर ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा एकत्रीकरण की प्रभावी प्रक्रिया तैयार करने को भी कहा।
उन्होंने कहा कि ठोस कचरे की छंटनी चार श्रेणियों में की जानी है। इनमें गीला, सूखा, सेनेटरी और खतरनाक कचरा शामिल है। एडीसी ने जिले के सभी छह ब्लॉकों की प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाइयों की रिपोर्ट भी तलब की।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य कचरे के एकत्रीकरण के लिए सभी बीडीओ को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार 10 दिन में प्रभावी प्रक्रिया तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिले के सभी 1675 गांव खुले में शौच से मुक्त हैं।
इनमें से 1613 गांवों को मॉडल गांव घोषित कर उनका डाटा अपलोड किया जा चुका है। शेष गांवों का डाटा भी जल्द अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
वित्त वर्ष 2026-27 में जिले में 47 सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है। इनमें से 38 को मंजूरी मिल चुकी है और एक का निर्माण पूरा हो चुका है। इसी अवधि में 294 नए मकानों में शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 35 का निर्माण पूरा हो चुका है।
एडीसी ने कहा कि 17 अक्तूबर तक चल रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विभिन्न विभागों के लिए स्वच्छता संबंधी गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। बैठक में स्वच्छता से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। जिला परिषद अध्यक्ष अनीता शर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।