हमीरपुर। बस स्टैंड हमीरपुर के बाहर सड़क किनारे बसे खोखाधारकों और जिला प्रशासन के बीच अभी तक आम सहमति नहीं बन पाई है। यहां करीब 21 खोखाधारक हैं। इनमें से सात खोखाधारकों ने शॉपिंग कांप्लेक्स में शिफ्ट होने के लिए शुक्रवार को आवेदन कर दिया है। अब भी करीब 14 खोखाधारक ऐसे हैं, जो अपनी जिद्द पर अड़े हैं और खोखे खाली करने पर किसी भी सूरत में तैयार नहीं हैं।
इन खोखाधारकों की एक ही मांग है कि उनके लिए धरातल पर नई दुकानें बनाई जाएं या फिर खोखों के वर्तमान क्रमानुसार ही उन्हें पीछे शॉपिंग कांप्लेक्स में पक्की दुकानें आवंटित की जाएं। खोखाधारक विनोद शर्मा, परमानंद, कृष्णानंद, नरपत शर्मा, तिलक राज और शांति शर्मा तथा बंटू ने कहा कि प्रशासन ने बीते वर्ष शॉपिंग कांप्लेक्स में पक्की दुकानें आवंटित करने के समय भेदभाव किया है। जिनके पास एक दुकान थी, उन्हें दो दुकानें आवंटित कर दी गईं। इसके साथ ही क्रमानुसार दुकानों का आवंटन नहीं हुआ। वर्तमान में पहली मंजिल पर जो दुकानें हैं, वे काफी छोटी हैं। इन दुकानों की छत पर न तो गर्मी में पंखा लगाया जा सकता है और न ही ठीक से खड़े हो सकते हैं।
उधर, एसडीएम हमीरपुर डॉ. चिरंजी लाल चौहान ने कहा कि सात दुकानदारों ने शॉपिंग कांप्लेक्स में पक्की दुकानों के लिए आवेदन किया है। शेष खोखाधारकों को भी 3 जुलाई से पूर्व आवेदन करने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद आगामी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।