हमीरपुर। प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर ने जिले के सात जेबीटी शिक्षकों को पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन शिक्षकों पर विभागीय आदेशों का पालन न करने का आरोप है। सितंबर 2021 में प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने जिले के 50 मुख्य शिक्षकों को केंद्र मुख्य शिक्षक के पद पर पदोन्नति करते हुए सूची जारी की थी। इन आदेशों के दौरान विभाग ने हिदायत जारी की थी कि अगर कोई व्यक्ति केंद्र मुख्य शिक्षक के पद पर ज्वाइन नहीं करता है तो उसे भविष्य में एक साल के लिए पदोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा।
इन आदेशों के बाद 43 जेबीटी शिक्षकों ने केंद्र मुख्य शिक्षक के पद पर ज्वाइन कर लिया, लेकिन सात शिक्षकों ने अपनी पारिवारिक कारणों से केंद्र मुख्य शिक्षक के पद पर ज्वाइन नहीं किया। अब विभाग ने इसी माह 17 जून को जिले के 25 जेबीटी शिक्षकों को केंद्र मुख्य शिक्षक के पद पर पदोन्नत किया है, लेकिन इस सूची में पुराने सात जेबीटी शिक्षकों के नाम शामिल नहीं हैं। वरिष्ठता और पात्रता पूरी होने के बावजूद पदोन्नति सूची में नाम न होने पर इन शिक्षकों में रोष है। पदोन्नति से वंचित रहने पर इन शिक्षकों को वित्तीय नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। इन सात शिक्षकों का एक साल का पीरियड अगस्त माह में पूरा हो रहा है। सितंबर माह से वह भविष्य में होने वाली पदोन्नति के लिए पात्र माने जाएंगे, लेकिन इससे पहले उन्हें पदोन्नति के लाभ से वंचित रहना पड़ेगा।
उधर, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक संजय ठाकुर ने कहा कि बीते साल भी विभाग ने केंद्र मुख्य शिक्षक के पद पर पदोन्नत होने वाले शिक्षकों की सूची जारी की थी। उस दौरान सात शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं किया था। विभाग के नियम हैं कि अगर कोई शिक्षक पदोन्नति पर संबंधित स्कूल में ज्वाइन नहीं करता है तो उसे एक साल तक पदोन्नति प्रदान नहीं की जा सकती। इसी वजह से इस बार इन शिक्षकों का नाम सूची में नहीं है।