लदरौर में आयोजित सायर मेले में घघरी सूट बेचती स्वयं सहायता समूह की महिला।संवाद
हमीरपुर। दो जिलों के संगम स्थल लदरौर में शुरू हुए पारंपरिक सायर मेले में इस बार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार स्वदेशी उत्पादों की धूम है। डीआरडीए की ओर से दो समूहों को मेले में विशेष स्टॉल उपलब्ध करवाए गए हैं, जिससे महिलाओं को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक बेहतर मंच मिल गया है।
स्टॉल पर महिलाओं के हाथों बने स्वादिष्ट अचार, पापड़, मसाले और अन्य घरेलू उपयोग के सामान के साथ-साथ पारंपरिक ''घघरी सूट'' भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले में पहुंचने वाले लोग इन उत्पादों की जानकारी लेने के साथ इनकी जमकर खरीदारी भी कर रहे हैं।
वहीं, स्टॉल मिलने से महिलाओं को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिला है, जिससे उन्हें बाजार की नब्ज और ग्राहकों की पसंद को नजदीक से समझने में मदद मिल रही है।मेले से मिलने वाले इस रिस्पांस से समूहों को यह तय करने में आसानी होगी कि किस उत्पाद की मांग सबसे अधिक है, जिससे वे भविष्य में उत्पादन बढ़ाने और अपनी कार्ययोजना तैयार करने में सक्षम होंगी।
कोट
ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत लदरौर में आयोजित सायर मेले में महिलाओं को स्टॉल आवंटित किए गए हैं।
-अस्मिता ठाकुर, उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी, डीआरडीए