बिझड़ी (हमीरपुर)। सलौणी-दियोटसिद्ध वाया बिझड़ी सड़क पर जड़ें कटने के बाद दर्जनों पेड़ अंतिम सांसे गिन रहे हैं। ऑक्सीजन देने वाले यह पेड़ लगभग सूख चुके हैं। पेड़ों की जड़े हवा में हैं और यह कब उखड़ जाएं कोई भरोसा नहीं।
यह सड़क ढटवाल क्षेत्र की जीवनदायिनी होने के साथ दियोटसिद्ध पहुंचने का क्षेत्र के लोगों के लिए अहम मार्ग है। यहां पर सड़क को चौड़ा करने के लिए पिछले साल बरसात से पहले कटिंग की गई है। खास बात यह है कि इस कार्य से पहले वन विभाग से जुड़ी औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गईं।
सड़क को चौड़ा करने से पूर्व एफसीए केस की औपचारिकताएं पूरा किया जाना अनिवार्य है। औपचारिकताएं पूरा न होने पर वन विभाग ने यहां पर कार्य को रुकवा दिया है, लेकिन इन सूखते पेड़ों और खतरनाक सफर के लिए आखिर कौन जिम्मेवार है, यह बड़ा सवाल है।
इस सड़क का बहुत बड़ा हिस्सा जंगल के अंर्तगत आता है। एक नहीं, बल्कि कई जगहों और मोड़ पर सड़क मार्ग को चौड़ा करने के लिए कटिंग की गई। बरसात में कई जगहों पर यह पेड़ गिरे हैं, जिन्हें बाद में हटाया गया। कटिंग के बाद सड़क किनारे सटे इन पेड़ों के नीचे से मिट्टी का बहाव हो गया है और जड़ें बाहर निकल गई हैं।
अब यह पेड़ सूख चुके हैं। इस सड़क मार्ग हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं। हजारों श्रद्धालु दियोटसिद्ध इस मार्ग से पहुंचते हैं। एक तरफ बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है।
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सड़क निर्माण को रुकवा दिया गया है। लोक निर्माण विभाग ने कार्य से पूर्व एफसीए की औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया है। कई बार विभाग को इस बारे में सूचित किया गया है।
-कमल किशोर, आरओ, हमीरपुर
हाल ही में यहां पर ज्वाइन किया है। पेमेंट का भुगतान न होने की वजह से भी कार्य रुका है। वन विभाग से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
-डीसी ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
सलौाणी दियोटसिद्ध सड़क पर कटिंग के बाद सूखे पेड़ और हवा में झूल रही जड़ें। संवाद।
सलौाणी दियोटसिद्ध सड़क पर कटिंग के बाद सूखे पेड़ और हवा में झूल रही जड़ें। संवाद।
सलौाणी दियोटसिद्ध सड़क पर कटिंग के बाद सूखे पेड़ और हवा में झूल रही जड़ें। संवाद।