जान जोखिम में डालकर स्कूल आ-जा रहे नौनिहाल
एनएच प्रबंधन को नहीं है कोई परवाह, अभिभावकों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
टौणी देवी (हमीरपुर)। एनएच के निर्माण कार्य के चलते लगभग एक माह से डीएवी स्कूल टौणी के साथ ही ग्रामीणों का रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एनएच निर्माण कंपनी को इसकी कोई परवाह नहीं है। इससे विद्यार्थियों और अन्य को खतरनाक पगडंडियों से गुजरना पड़ रहा है। इससे दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। हमीरपुर से अवाहदेवी मुख्य मार्ग पर इन दिनों एनएच का कार्य तेजी से चला हुआ है और कंपनी की लेटलतीफी के चलते यह कार्य काफी समय से सुर्खियों में है तथा लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी का शिकार अब टौणी देवी स्थित डीएवी स्कूल के बच्चे और शिक्षक हो रहे हैं। टौणी देवी के अस्पताल चौक से डीएवी स्कूल को रास्ता जाता है। अब यहां पर डंगा लगाने की तैयारी में है। इसके लिए खुदाई कर दी गई और लगभग 15 फीट से अधिक लंबा सरिया डंगे को भरने के लिए खड़ा कर दिया गया है। कार्य को शुरू किए हुए लगभग एक माह का समय हो गया है लेकिन अभी तक इसे भरने का कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे स्कूल के बच्चों का फिलहाल सरियों में घुसकर या दूसरे के घरों के लिए बने रास्तों से प्रवेश लेकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। इससे हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। अपने बच्चों को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है। अब कार्य को जल्द पूरा न करने और रास्ता न देकर समस्या गहराती जा रही है।
डीएवी स्कूल के प्रधानाचार्य मोहिंद्र सिंह का कहना है कि यहां पर बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एनएच निर्माण कंपनी और अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। डंगे के कार्य को भी कंपनी ने कई दिनों से रोक दिया है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान और रास्ता बनवाने की मांग की है। वहीं, ग्राम पंचायत बारीं के प्रधान रविंद्र ठाकुर व टपरे के प्रधान दिवान चंद ने एनएच कंपनी की लापरवाही पर आक्रोश जताया है। कहा कि अधिकारी जनहित की समस्याओं को सुलझाने में कतई भी दिलचस्पी नहीं दिखाते। इससे लोगों को इनकी गलत कार्य प्रणाली का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने कंपनी और प्रशासन से स्कूल के लिए बेहतर रास्ता जल्द बनाने की मांग की है ताकि बच्चे और अन्य असुविधा से बच सकें। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और एनएच को भी पत्र भेजा गया है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई जल्द न की गई तो वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। इस बारे में साइट इंजीनियर सुशील का कहना है कि निर्माण कार्य चला है। बाद में यहां पर सीढि़यां बनाकर दी जाएंगी।