संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। निगमों और बोर्डों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने 29 अक्तूबर 1999 की पेंशन अधिसूचना बहाल करने का वादा पूरा न होने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जताया है।
रविवार को जिला मुख्यालय में लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बैठक जिला प्रधान राज कुमार हमीरपुरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेंशन विसंगति दूर करने और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई।
कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं ने सरकार बनने पर निगमों और बोर्डों के कर्मचारियों के लिए 29 अक्तूबर 1999 की पेंशन सुविधा बहाल करने का आश्वासन दिया था। आरोप है कि सरकार बनने के बाद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अधिसूचना के तहत पहली अप्रैल 1999 से पहले निगमों और बोर्डों में नियमित कर्मचारियों के लिए पेंशन सुविधा लागू की गई थी। बाद में 2 दिसंबर 2004 को यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई, जिससे करीब 6500 कर्मचारी पेंशन सुविधा से वंचित हो गए। इससे एक ही श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में पेंशन को लेकर विसंगति पैदा हो गई।
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से प्रतिनिधियों और अधिकारियों की आमने-सामने बैठक करवाकर समस्या का समाधान करने की मांग की। बैठक में निर्णय लिया गया कि संयुक्त संघर्ष समिति के 18 संगठनों के आह्वान पर पहली सितंबर को शिमला के चौड़ा मैदान में होने वाली रैली में हमीरपुर सहित प्रदेशभर से 500 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी भाग लेंगे।
रैली में संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, इंदर पाल शर्मा और अतिरिक्त सचिव भूप राम वर्मा सहित अन्य पदाधिकारी पेंशन बहाली का मुद्दा उठाएंगे।
इस दाैरान बैठक में जगदीश चंद सनौरिया, दलीप सिंह, सुरजीत वर्मा, उधम सिंह, कृष्ण कुमार डोगरा, रणदेव, सतीश कुमार, प्रेम लाल, रोशन लाल और सोहन सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।