उच्चतर शिक्षा विभाग ने जिलाभर के 163 स्कूलों को जारी किए दिशा-निर्देश
स्कूल प्रमुखों को निर्माण कार्य शुरू न करवा पाने का कारण करना होगा स्पष्ट
जिलास्तर पर सूची तैयार होने के बाद शिक्षा निदेशालय भेजा जाएगा स्कूलों का डाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। स्कूलों के उत्थान और विकास के लिए जारी बजट को खर्च न करने वाले स्कूलों से जवाब-तलब किया है। उच्चतर शिक्षा विभाग ने हमीरपुर जिला के उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जवाब संतोषजनक न होने पर विभाग की ओर से स्कूलों से बजट जारी होने के बाद भी निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू न करवा पाने का कारण पूछा जाएगा। विभाग की ओर से दो वर्ष पूर्व स्कूलों को बजट उपलब्ध करवाया गया था। वर्तमान में इन स्कूलों में दो वर्ष से अधिक समय से बजट आने के बाद भी स्कूल प्रमुखों की ओर से निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू नहीं करवाए गए हैंं। इसके चलते स्कूलों में विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बजट को स्कूलों में दीवारों, कैंपस, खेल मैदान की मरम्मत, नए भवन निर्माण आदि पर खर्च किया जाना है।
विभाग ने विद्यार्थियों की समस्या एवं स्कूल विकास कार्यों में देरी को लेकर स्कूल प्रमुखों से जवाब मांगा है। ब्योरा आने के बाद स्कूलों की सूची को शिक्षा निदेशालय भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित स्कूलों से बजट वापस लिया जा सकता है। स्कूलों को निर्माण कार्य पूरा करवाने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है। उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के पास 99 वरिष्ठ माध्यमिक और 64 उच्च पाठशालाएं हैं। हालांकि, स्कूलों में मुखिया की लापरवाही और बजट को लेकर दस्तावेजों से संबंधी कार्यों कराने और लंबित कार्यों को पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे लेकिन एक भी स्कूल में कार्य नहीं हो पाया है। ऐसे में अब विभाग ने स्कूलों की सूची तैयार करने का निर्णय लिया है।
इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अनिल कौशल ने कहा कि बजट जारी होने के बाद स्कूलों में निर्माण कार्य शुरू न करवा पाने वाले स्कूल प्रमुखों से ब्योरा मांग गया है। स्कूलों की सूची तैयार करके शिक्षा निदेशालय भेजी जाएगी, ताकि स्कूलों में विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करवाया जा सके।