दि संगरोह कृषि सहकारी सभा संगरोह की ओर से प्रशासक को सौंपी गई इस्तीफे की कॉपी
बोले, प्रशासक की नियुक्ति का निर्णय सही, चुनौती को समर्थन नहीं
सभा में विभागीय जांच को जायज ठहराया, सचिव पर जांच में सहयोग न करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
टौणीदेवी (हमीरपुर)। दि संगरोह कृषि सहकारी सभा सीमित में प्रशासक की नियुक्ति के मामले में नया मोड़ आ गया है। सभा के प्रधान बृजमोहन ने अपना इस्तीफा विभाग की ओर से नियुक्त प्रशासक को सौंप दिया है। प्रधान का दावा है कि उन्होंने तीन सदस्यों के साथ 18 अप्रैल को ही विभाग को इस्तीफा दे दिया था। अब प्रशासक की नियुक्ति के बाद इस इस्तीफे की कॉपी प्रशासक को सौंप दी गई है। टौणीदेवी में सहकारी सभाएं विभाग के कार्यालय में पहुंचकर दो सदस्यों सहित प्रधान ने इस्तीफे की कॉपी सौंपी है। प्रधान ने सहकारी सभा संगरोह में प्रशासक की नियुक्ति को भी जायज ठहराया है। संगरोह सहकारी सभा में पिछले एक साल से ऑडिट पैरा में पाई गई खामियों की जांच चल रही है। इस मामले में सचिव की ओर रिकाॅर्ड उपलब्ध न करवाए जाने पर सहकारी सभाएं पंजीयक हमीरपुर की ओर से प्रशासक की नियुक्ति बीते 27 अप्रैल को गई है लेकिन प्रशासक सचिव की गैरहाजिरी से कार्यभार नहीं संभाल पाए हैं। कार्यालय में सचिव की तरफ से ताला लगाया गया है। ऐसे में विभाग ने भी यहां पर अपना ताला जड़ दिया है। यहां पर प्रशासक की नियुक्ति को सभा के उपप्रधान रमेश ने चार सदस्यों सहित शिमला में पंजीयक कार्यालय में चुनौती दी है। इस मामले में तीन मई को पंजीयक कार्यालय में सुनवाई प्रस्तावित है। इस बीच सभा के प्रधान ने दो सदस्यों सहित इस्तीफा दिया है। उन्होंने यह दावा किया है कि जिन सदस्यों के साथ मिलकर प्रशासक की नियुक्ति को चुनौती दी गई है, उनमें से एक सदस्य 90 दिन पूर्व बिना चुनाव के चुना गया है जो गलत है। सहकारी सभा में ऑडिट पैरा में पाई गई खामियों की जांच का मामला गहराता जा रहा है। सभा के एक हजार से अधिक शेयर धारक हैं। इन शेयरधारकों में भी असमंजस बना हुआ है। विभाग की जांच भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। तीन मई को पंजीयक कार्यालय शिमला में सुनवाई के बाद ही जांच आगे बढ़ सकेगी।
प्रधान बोले- प्रशासक की नियुक्ति सही
सभा के प्रधान बृजमोहन ने कहा कि सभा के सदस्यों प्रताप चंद, जगदीश चंद के साथ मिलकर उन्होंने पिछले माह 18 अप्रैल 2024 को इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे की कॉपी को दोबारा विभाग की ओर से नियुक्त प्रशासक को सौंपा गया है। दि संगरोह कृषि सहकारी सभा संगरोह में प्रशासक की नियुक्ति सही है। नियुक्ति को दी गई चुनौती के समर्थन में वह नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सभा के उपप्रधान ने तीन सदस्यों के साथ मिलकर प्रशासक की नियुक्ति को चुनौती दी है। तीन सदस्यों में एक सदस्य ऐसा है जिसे बिना चुनाव के ही चुन लिया गया है।