हमीरपुर। जिले के सरकारी कार्यालयों में कहीं घंटों इंतजार तो कहीं दस मिनट बताकर समय से पहले सरकारी बाबू कुर्सी छोड़ रहे हैं। कोरोना महामारी में जहां हर कोई डरकर एक दूसरे से मिलने से परहेज कर रहा है, वहीं सरकारी कार्यालयों में काम को आए लोग कोरोना संक्रमण से बचने की सावधानियों को भूलकर अपना काम करवाने में मग्न हैं। लोगों की भारी भीड़ के डर से कार्यालयों में एक समय में सीमित लोगों का ही प्रवेश रखा गया है और कर्मचारियों के काउंटर के बाहर रस्सी लगाकर लोगों को उस दायरे से बाहर खड़ा किया जा रहा है। कई कार्यालयों में तो भीड़ कम होने के कारण लोगों के काम समय पर हो जा रहे हैं, लेकिन कुछ कार्यालयों में भीड़ होने के चलते लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
अस्पताल, सुगम केंद्र, आरटीओ दफ्तर आदि में लोगों की भीड़ अकसर ज्यादा देखने को मिलती है, लेकिन कोरोना के डर से आरटीओ दफ्तर में भी सीमित ही लोग पहुंच रहे हैं। जबकि, मिनी सचिवालय हमीरपुर के सुगम केंद्र और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अधिक भीड़ और सामाजिक दूरी की भी अवहेलना हो रही है। अधिकतर राजस्व संबंधी ऑनलाइन फार्म बनने से तहसील कार्यालयों आदि में लोगों की भीड़ कम ही देखने को मिल रही है। अमर उजाला ने वीरवार को रियलटी चेक करने के लिए जब कुछेक कार्यालयों में जाकर लोगों से पूछा तो कई जगह तो सही पाया गया, लेकिन कई जगह दोपहर के भोजन को कर्मचारी समय से पहले उठकर चले गए तो कहीं दस मिनट रुकने का कहकर एक घंटे तक इंतजार करवाया।
आधा घंटा इंतजार के बाद मिला लाइसेंस : राहुल
मिनी सचिवालय हमीरपुर के सुगम केंद्र में आए राहुल चंदेल ने कहा कि लाइसेंस बनवाने के बाद इसे लेने के लिए कर्मचारी बाकायदा अलग तिथि लोगों को दे रहे हैं। उन्हें वीरवार का समय दिया गया था। लाइसेंस लेने वह वीरवार को पहुंचे। लेकिन, आधा घंटा इंतजार करने के बाद लाइसेंस मिला।
दस मिनट के काम को एक घंटा इंतजार : श्रेया
श्रेया का कहना है कि लर्निंग लाइसेंस के लिए सुगम केंद्र आईं थीं लेकिन, 12 बजे पहुंचने के बाद एक बजे तक वहीं बैठी रहीं। जबकि, कर्मचारियों ने कहा कि दस मिनट बाद आपका टेस्ट होगा। एक बजे तक एक घंटा बैठी रहीं। टेस्ट नहीं हुआ। इसके बाद भी इंतजार करतीं रहीं।
कार्यालय में भीड़ न होने से जल्द हुआ काम : उमेश
आरटीओ कार्यालय में वाहन रजिस्ट्रेशन संबंधी कार्य के लिए दोपहर 12:30 बजे पहुंचे उमेश कुमार ने कहा कि यहां लोगों की भीड़ नहीं है। कम लोग आने की वजह से काम जल्दी हो जा रहा है। अभी कार्य मैन्युल हैं, लेकिन जल्द ही यह ऑनलाइन होंगे। जिसके बाद कार्य लोग घर बैठे अपने मोबाइल या लैपटॉप से ही कर सकेंगे।
समयसारिणी का ध्यान नहीं रखा जा रहा : प्रकाश
प्रकाश चंद का कहना है कि वे मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मेडिकल बनवाने आए थे। चिकित्सक के हस्ताक्षर करवाकर जब वापस संबंधित कमरे से मेडिकल प्रमाण लेने आए तो 1:25 पर ही कर्मचारी दोपहर के भोजन पर चले गए। जबकि, उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट देने में महज एक मिनट का ही समय लगना था। इतने से कार्य के लिए उन्हें फिर ढाई बजे तक इंतजार करना पड़ा। कर्मचारी समयसारिणी का ध्यान नहीं रख रहे हैं।
समय पर निपटाए जा रहे काम : अधिकारी
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी वीरेंद्र शर्मा का कहना है कि कार्यालय में फिलहाल कम ही लोग आ रहे हैं। अभी परिवहन विभाग के काम हमीरपुर में ऑनलाइन नहीं है। जल्द ही कांगड़ा और सोलन की तर्ज पर यह ऑनलाइन हो जाएंगे। इसके बाद लोगों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। बिना मास्क के वैसे भी कार्यालय में लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। लोगों के काम समय पर निपटाए जा रहे हैं।