हमीरपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर अब हमीरपुर जिले की सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण बिटुमिन (डामर) महंगा हो गया है, जिससे जिले में प्रस्तावित 210 किलोमीटर सड़क पर री-टारिंग का कार्य लगभग ठप पड़ गया है।
लोक निर्माण विभाग ने जिले की 210 किलोमीटर सड़क की री-टारिंग का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक केवल तीन किलोमीटर सड़क पर ही डामर बिछाया जा सका है। बिटुमिन की कीमत पहले जहां लगभग 45 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन थी, वह बढ़कर करीब 90 हजार रुपये तक पहुंच गई।
हालांकि हाल ही में इसमें कुछ राहत मिली है और कीमत घटकर लगभग 75 हजार रुपये प्रति मीट्रिक टन हो गई है। कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ बिटुमिन की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। पहले जहां सामग्री समय पर उपलब्ध हो जाती थी, वहीं अब इसकी सप्लाई में एक सप्ताह या उससे अधिक का समय लग रहा है। इसका सीधा असर सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों पर पड़ रहा है।
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बरसात से पहले सड़कों पर री-टारिंग की थी योजना
भट्टा-सलौणी सड़क समेत जिले की कई सड़कों के कार्य प्रभावित हुए हैं। बरसात के मौसम से पहले सड़कों पर री-टारिंग की योजना थी, लेकिन बढ़ती लागत और सामग्री की कमी के कारण कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे लोगों को बेहतर सड़क सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि बरसात से पहले सड़कों पर री-टारिंग होगी, लेकिन काम लटकने से बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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उपलब्ध संसाधनों के अनुसार कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। 210 किलोमीटर सड़क पर री-टारिंग जल्द होगी।
-विजय चौधरी, एसई, लोक निर्माण विभाग, हमीरपुर