उन्होंने कहा कि इस सरकारी उत्सव के समापन के लिए कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल को आमंत्रित करना प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यह सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि कांग्रेस का राजनीतिक इवेंट बन चुका है। यही कांग्रेस का तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन है, जो अब व्यवस्था पतन में बदल गया है। राकेश जमवाल ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में महाधिवक्ता अनूप रत्न का नाम शामिल किया जाना भी गंभीर चिंता का विषय है। महाधिवक्ता एक सांविधानिक पद है, उन्हें इस प्रकार के राजनीतिक और उत्सवात्मक कार्यक्रमों में शामिल करना संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार प्रशासनिक मशीनरी का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।