सहायक खेल शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा। संवाद
हमीरपुर। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में पुलिस के साथ शिक्षक भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उच्च शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में कार्यरत सहायक खेल शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा पिछले 40 वर्षों से खिलाड़ियों और स्थानीय युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
वर्ष 1986 से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे राजेंद्र शर्मा का मानना है कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए खेल सबसे बेहतर माध्यम है। इसी उद्देश्य से वह सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक खिलाड़ियों को बैडमिंटन और हॉकी का प्रशिक्षण देते हैं।
भरेड़ी निवासी राजेंद्र शर्मा अब तक सैकड़ों खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं। उनके मार्गदर्शन में तैयार कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रशिक्षण के दौरान वह युवाओं को नियमित अभ्यास, अनुशासन और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हैं।
खिलाड़ियों के अलावा वह आसपास के युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी भी करवाते हैं। शारीरिक अभ्यास के माध्यम से युवाओं को फिट रखने के साथ वह उन्हें खेल और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
चार दशक से अधिक समय से युवाओं के बीच सक्रिय राजेंद्र शर्मा ने खेलों को नशे के खिलाफ अभियान का प्रभावी माध्यम बनाया है।