हमीरपुर, रंगस। जिले में बारिश से किसानों और बागवानों के चेहरे खिल गए हैं। सर्दियों के मौसम में रोपे गए फलदार पौधों और गेहूं की फसल के लिए बारिश संजीवनी मानी जा रही है।
बीते कई दिनों से जिले में बारिश नहीं हो रही थी, जिस वजह से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही थी। जिले में अधिकतर खेती और बागवानी बारिश पर निर्भर है। ऐसे में यह बारिश संजीवनी से कम नहीं है। बारिश बुधवार रात से ही शुरू हो गई थी, जिससे वीरवार को पारा भी काफी लुढ़क गया। कई जगहों पर लोग ठंड से बचने के अलाव का सहारा लेते हुए भी दिखे।
गर्मी के मौसम में अथवा बरसात में पकने वाले फलों के पौधों पर वर्तमान समय में फूल आना शुरू हो गया है। ऐसी स्थिति में बारिश की बूंदे निश्चित तौर पर अहम हैं। औसतन कम बारिश होने पर हरे चारे की मार झेल रहे पशुपालकों के चेहरे पर भी बारिश होने के बाद रौनक लौट आई है। यहां तक कि क्षेत्र में सब्जी आदि का उत्पादन करने वाले व्यावसायिक खेती कर रहे किसानों के लिए भी बारिश राहत भरी है।
किसान शक्ति चंद,मेहर चंद व जोगिंदर सिंह, करतार चंद ने कहा कि वीरवार के दिन रुक-रुक कर बारिश का होना हर किसान के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा। इससे पूर्व कम बारिश होने से खेतों में उगी फसल भी इतनी स्वस्थ नहीं थी और न ही किसानों की अपेक्षा अनुसार खेतों में पशुओं के लिए हरा चारा था, लेकिन अब बारिश होने पर कहीं न कहीं एक नई उम्मीद जगना शुरू हुई है। इस क्षेत्र के लोग भौगोलिक तौर पर पहाड़ी क्षेत्र के होने की वजह से अधिकतर किसान बारिश पर ही निर्भर हैं।
कोट
बारिश सर्दियों के मौसम में रोपे गए फलदार पौधों के लिए वरदान से कम नहीं है। यह बारिश फसलों के उत्पादन के लिए भी बेहद अहम है। इससे पौधरोपण सफल होने की संभावना बढ़ गई है।
-राजेश्वर परमार, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, हमीरपुर
रंगस क्षेत्र में गेंहू की फसल से लहलहाते खेत। संवाद।