प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों द्वारा हल्दी का उत्पादन किया जा रहा है। आतमा परियोजना हमीरपुर ने अप्रैल महीने से ही ब्लॉक कार्यालयों के माध्यम से किसानों से हल्दी की खरीदारी शुरू की है। यह प्रक्रिया तीन महीने तक चलेगी, जिसमें करीब 95 क्विंटल हल्दी खरीदने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को उनकी उपज के लिए 90 रुपये प्रति किलो की दर से भुगतान किया जाएगा, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और किसानों की सूची भी तैयार की गई है।
प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों में उत्साह देखा जा रहा है, और कृषि विभाग का दावा है कि इस पहल से रासायनिक मुक्त कृषि को बढ़ावा मिल रहा है, जो स्वास्थ्य, पर्यावरण और मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
गौरतलब है कि हमीरपुर में करीब 20 हजार किसान 3000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, हल्दी सहित अन्य सब्जियों की खेती कर रहे हैं।
कोट
प्राकृतिक खेती से ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी। लोगों को आजीविका के अवसर भी प्राप्त होंगे। हल्दी खरीद प्रक्रिया तीन महीने तक होगी।
-राकेश धीमान, परियोजना निदेशक, आतमा परियोजना हमीरपुर