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निजी स्कूलों की हेकड़ी के आगे अभिभावक बेबस

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कांगू (हमीरपुर)। निजी स्कूलों की हेकड़ी के आगे सरकार और अभिभावक बेबस नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों उठे विवाद के बाद सरकार ने हर स्कूल प्रबंधन को यह ताकीद दी थी कि इस संबंध में बैठक बुलाई जाए। लेकिन, कुछ निजी स्कूलों की मनमानी के आगे सरकार के आदेश बेमानी साबित हो रहे हैं। नादौन उपमंडल के कांगू कस्बे के निजी स्कूलों में भी सालाना शुल्क के नाम पर चल रही वसूली पर अभी तक लगाम नहीं लग पाई है।
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अभिभावकों का कहना कि स्कूल प्रबंधन से कई बार इस विषय पर पीटीएम बुलाने का आग्रह किया, लेकिन प्रबंधन की तरफ से कहा गया कि एनुअल चार्ज तो देने ही पड़ेंगे। अभिभावक मुकेश शर्मा, सरिता, दिपेश, मनोज शर्मा, सुनीता, संजय, अमर चंद, राजेश शर्मा, सुशील शर्मा, नरेंद्र शर्मा, महेंद्र शर्मा, दिनेश व रिंटू ने कहा कि डीएवी स्कूल प्रबंधन की ओर से की जा रही मनमानी के खिलाफ उपायुक्त हमीरपुर से शिकायत की जाएगी। कोरोना काल में भी लगातार ट्यूशन फीस देने वाले अभिभावकों का कहना है कि एनुअल चार्ज के नाम पर अभिभावकों की जेब पर बोझ डाला जा रहा है। इस संबंध में न तो कोई पीटीएम बुलाई गई और न ही इस संबंध में बच्चों के व्हाट्सएप ग्रुप पर कोई संदेश दिया। बिना किसी बैठक के ही स्कूल प्रबंधन मनमानी कर रहा है। निजी स्कूल प्रति विद्यार्थी 4 से 5 हजार रुपये एनुअल चार्ज वसूल रहे हैं।
इस तरह स्कूल प्रबंधन को लाखों रुपये की कमाई ट्यूशन फीस के अलावा ही हो रही है। इधर, स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि प्रदेश सरकार की तरफ से एनुअल चार्जेस पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, अगर ऐसी कोई अधिसूचना जारी हुई है तो कोई दिखा सकता है। अगर सरकार एनुअल चार्ज पर कोई रोक के आदेश जारी करती है तो यह फीस आगामी ट्यूशन फीस में एडजस्ट की जाएगी।
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उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बीके नड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से केवल ट्यूशन फीस लेने के बारे में ही आदेश जारी किए गए थे। एनुअल चार्ज के बारे में कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिले हैं। इस बारे में उपायुक्त हमीरपुर को शिकायत कर सकते हैं।
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