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Hamirpur (Himachal) News: निजी पार्किंग संचालकों को देना होगा पांच हजार शुल्क, शहर में बनेगा परिवार रजिस्टर

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ठेकेदार नहीं अब सीएलसी के माध्यम से शहर में उठेगा घर-घर से कूड़ा
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मनमर्जी से भवनों पर नहीं लगा सकेंगे विज्ञापन, लेनी होगा एनओसी

शहर में चार जगह लगेंगी हाई मास्ट लाइटें, तहबाजारी व्यवस्था में बदलाव

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। शहर में निजी पार्किंग का पंजीकरण अनिवार्य होगा। नगर परिषद हमीरपुर के एरिया में पार्किंग संचालन के लिए पंजीकरण के साथ ही सालाना पांच हजार रुपये शुल्क चुकाना होगा। इसके साथ ही नगर परिषद के एरिया में निजी भवनों पर विज्ञापन लगाने से पूर्व नगर परिषद से एनओसी लेना होगा। शहर में अब परिवार रजिस्टर बनाया जाएगा। इसे लेकर हर वार्ड में कर्मचारी डाटा एकत्रित करेंगे। लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से यह कार्य किया जाएगा। नगर परिषद हमीरपुर की मासिक बैठक में शुक्रवार को ये बड़े निर्णय लिए गए हैं।

नगर परिषद अध्यक्ष मनोज कुमार मिन्हास की अध्यक्षता में शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इस में कई अहम मसलों पर चर्चा हुई। बैठक में सफाई व्यवस्था समेत अन्य कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। शहर में चार जगहों पर नादौन चौक, बस स्टैंड, ट्रक यूनियन बाईपास चौक, आयुर्वेदिक अस्पताल चौक में हाई मास्ट लाइटें लगवाने, अस्थायी रेहड़ियों की तहबाजारी 50 रुपये प्रतिदिन के बजाय 400 रुपये मासिक लेने, सीएलसी के माध्यम से एक जेई और स्ट्रीट लाइट रिपेयर करने वाले कर्मचारी की भर्ती, टाउन हॉल में बन रही वर्षाशालिका के साथ एक नया शौचालय बनाने, 11 वार्डों में जहां भी जगह मिलेगी वहां पर छोटे-छोटे पार्क बना कर दो झूले और वरिष्ठ नागरिकों के बैठने के लिए बेंच लगाए जाएंगे। बाल स्कूल के सामने लाइटें और भगवान शनि देव की मूर्ति लगाई जाए, इसका प्रस्ताव भी पारित कर दिया गया है। वार्ड नंबर 6 में उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से सीएम को पार्क बनाने और जगह नगर परिषद के नाम करवाने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया है।
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ठेकेदारी व्यवस्था बंद, सफाई कर्मियों का शोषण होगा बंद

सीएलसी के माध्यम से शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्रीकरण के लिए 14 गाड़ियां सिटी लाइवलीहुड सेंटर (सीएलसी) माध्यम से लगाने के बारे में चर्चा की गई। घर-घर से कूड़ा एकत्र करने के लिए ठेकेदार के माध्यम से कार्य किया जा रहा है लेकिन अब सीएलसी के माध्यम से कंपनी को यह कार्य सौंपा जाएगा। इससे शहर में सफाई कर्मियों को 12 हजार के करीब वेतन मिलेगा और कचरा एकत्र करने वाली गाड़ियों में गीला व सूखा कूड़ा एकत्र करने की अलग व्यवस्था होगी। यह कर्मी सीधे तौर पर सीएलसी से जुड़े होंगे। इससे कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआई की सुविधा मिलेगी और इनका शोषण भी बंद होगा।
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