कंपनियां स्कूलों में विकासात्मक कार्यों में करेगी योगदान
एक सरकारी स्कूल के साथ तीन कंपनियां मिलकर कर सकेंगी कार्य
स्कूलों में पढ़ाई से लेकर विभिन्न विकासात्मक कार्यों में करेंगी सहयोग
विद्यांजलि योजना की भांति स्कूलों को निजी कंपनियों को जोड़ने का करना होगा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विद्यांजलि पोर्टल की भांति अब सीएसआर पोर्टल के माध्यम से सरकारी स्कूलों में निजी कंपनियां सेवाएं देंगी। एक स्कूल में एक साथ तीन निजी कंपनियां जुड़कर कार्य कर सकेंगी। इससे सरकारी स्कूलों में संसाधनों के साथ विकास कार्यों में भी सहयोग मिलेगा। सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम के तहत शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया है। पूर्व में विद्यांजलि पोर्टल पर समाजसेवी स्वयंसेवकों के नाम रजिस्टर होते थे। अब विभाग की ओर से स्कूल शिक्षकों को सीएसआर पोर्टल (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) पर विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, निजी कंपनियों के नाम अपलोड करने होंगे ताकि सरकारी स्कूलों का विकास किया जा सके।
वर्तमान में जिलाभर के 735 स्कूलों में विद्यांजलि पोर्टल के तहत स्कूलों के साथ विभिन्न समाजसेवी जुड़े हुए हैं। जो स्कूलों मेंं खेलकूद गतिविधियों से लेकर शिक्षा, भवन निर्माण और विभिन्न कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग की ओर से समाजसेवियों के साथ निजी कंपनियों को भी स्कूलों के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि स्कूलों का अधिक से अधिक विकास करवाया जा सके। कंपनियां अपना 20 फीसदी योगदान स्कूलों में संसाधनों के साथ-साथ पढ़ाई, फर्नीचर और स्कूल उत्थान में देंगी। एक स्कूल के विकास में एक साथ तीन कंपनियां एक समय पर कार्य कर सकेंगी। प्रत्येक कार्य की शिक्षकों को ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी डालनी होगी ताकि कार्य के साथ कंपनियों का प्रोत्साहन किया जा सके। निजी कंपनियों की जानकारी खंड स्तर पर खंड कार्यक्रम अधिकारी के पास ऑनलाइन दर्ज होगी। इस बारे में सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक सुनील कुमार ने कहा कि जिलाभर के स्कूलों में शिक्षण सप्ताह के तहत गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्कूलों में सीएसआर पोर्टल के तहत निजी कंपनियों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है ताकि स्कूलों के विकास कार्यों में योगदान दिया जा सके। उन्होंने स्कूल प्रमुखों से निजी कंपनियों को जोड़ने का आग्रह किया है।