उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में आयोजित जिला स्तरीय बैठक दिशा निर्देश देते प्रारंभिक
हमीरपुर। जिला हमीरपुर में अब शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने वाला है। अब कई स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षाओं का संचालन होगा। जिले में कई ऐसे स्कूल हैं, जिनके 200 मीटर के दायरे में ही प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च या फिर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं का संचालन हो रहा है। इनमें गतिविधियां भी अलग-अलग ही हो रही हैं। मगर अब प्राथमिक पाठशालाओं को साथ लगते माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में मर्ज कर दिया जाएगा। सोमवार को उच्च शिक्षा उपनिदेशक अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया है।
प्राथमिक स्कूलों को 200 मीटर के दायरे में साथ लगते स्कूलों में मर्ज करने के बाद इन स्कूलों में होने वाली प्रार्थना सभाएं और मिड-डे मील समेत अन्य कईं गतिविधियां एक साथ ही होंगी। उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में शिक्षा की गुणवत्ता विषय पर हुई बैठक में चर्चा हुई। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से पढ़ाई करवाना शामिल है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी निपुण बनाया जा सके।
उन्होंन कहा कि प्राथमिक स्कूलों को साथ में संचालित होने वाले माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में मर्ज करने से स्कूलों में प्रार्थना सभा, मध्याह्न भोजन, खेलकूद, आधुनिक तकनीक से पढ़ाई, वार्षिक समारोह आदि सभी गतिविधियां एक साथ आयोजित होंगी। बैठक में निर्णय लिया कि प्राथमिक स्कूलों को मर्ज करने के उपरांत स्कूलों को केवल एक ही प्रभारी संभालेगा। स्कूल का नेतृत्व स्कूल प्रभारी ही करेगा।
बैठक में शिक्षा खंड गलोड़, हमीरपुर और नादौन के प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रमुखों के साथ राजेश भाटिया, मनोहर, अजय सहित अन्यों भाग लिया।