हमीरपुर। जिला हमीरपुर के 584 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में सेवाएं दे रहे मल्टी टास्क और मिड-डे मील वर्करों को तीन महीने से मासिक मानदेय नहीं मिला है। इससे वर्करों को घर चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में भी वर्करों को चार महीने के बाद मासिक मानदेय का भुगतान हुआ था। अब फिर सितंबर के बाद से मानदेय नहीं मिला है। इससे वर्करों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिलाभर में 470 प्राथमिक और 114 माध्यमिक स्कूलोंं में 1,155 मिड-डे-मील वर्कर और 374 मल्टी टास्क वर्कर सेवाएं दे रहे हैं। वर्करों में संजय, संदीप, धनुष राणा, सावित्री देवी, कमला कुमारी और विमला आदि ने कहा कि उन्हें पिछले तीन महीने से मासिक मानदेय नहीं मिला है। स्कूलों में कार्यरत शिक्षक कह रहे हैं बजट की कमी के कारण मानदेय का भुगतान नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल में प्रत्येक दिन निर्धारित समय पर सेवाएं देते हैं, लेकिन मानदेय न मिलने से उन्हें घर का खर्चा तक निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग से समय पर मासिक मानदेय का भुगतान करने की मांग की है, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
निदेशालय से नहीं जारी हुआ बजटः अशोक
उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि अगस्त तक वर्करों को मासिक मानदेय के लिए बजट जारी हुआ था। अभी तक शिक्षा निदेशालय से बजट जारी नहीं हुआ है। बजट जारी होने के बाद वर्करों को मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।