संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कॉलेज में वार्ड किया आरक्षित
सेंटर लैब में संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग करने की हो रही व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) का मामला भारत में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। कोरोना जैसे लक्षण वाले इस वायरस से निपटने के साथ-साथ संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एक वार्ड आरक्षित कर दिया है।
वार्ड में कितने बिस्तर लगाए जाएंगे, इस पर विचार किया जा रहा है। आरक्षित वार्ड में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर समेत अन्य जीवनरक्षक उपकरण रखे जाना प्रस्तावित हैं। वहीं, संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग सेंटर लैब में होगी, इसकी व्यवस्था भी की जा रही है। हालांकि अभी तक जिला में संबंधित वायरस के लक्षण वाला कोई मरीज नहीं मिला है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में वर्तमान में 69 वेंटिलेटर, 305 ऑक्सीजन कंसंटे्रटर, 100 से अधिक ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर और पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट और मास्क उपलब्ध हैं।
वहीं, मेडिकल विशेषज्ञों के साथ-साथ शिशु रोग विशेषज्ञों से सामान्य खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, गले में खरास सहित अन्य लक्षणों के आने वाले मरीजों की रोजाना की सूचना मांगी जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है।
बचाव और सावधानी
-घर से मॉस्क लगाकर निकलें।
-खांसते-छींकते समय मुंह पर रुमाल रखें।
- हाथ साबुन से धोएं, सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
- भोजन करने से पहले हाथ अच्छे से साफ करें।
ऐसा न करें..
-लक्षण दिखने पर अपनी मर्जी से दवा न खाएं।
-संक्रमित का रुमाल या अन्य सामान प्रयोग न करें।
-भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा देर तक न रहें।
- मुंह, आंख, नाक को कम से कम छुएं।
- कपड़े, रुमाल और तौलिया शेयर न करें।
कोट
ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस को लेकर मेडिकल कॉलेज सतर्क है। एक वार्ड आरक्षित किया है। संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग भी सेंटर लैब में करने की व्यवस्था की जाएगी। अभी तक जिला में कोई भी मामला नहीं आया है।
-डॉ. अजय शर्मा, एमएस, डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर