फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग वार्ड में एक बिस्तर पर दो से तीन महिलाएं, संक्रमण का खतरा

विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के स्त्री रोग वार्ड में लगी मरीजों और तीमारदारों की भीड़। - फोटो : Hamirpur-HP
विज्ञापन
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में इन दिनों स्त्री रोग विभाग के वार्डों में एक बिस्तर पर दो से तीन महिलाएं दाखिल हैं। वार्डों में महिलाओं की अधिक संख्या के कारण कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। यहां एक बिस्तर पर प्रसूता और गर्भवती महिलाएं दाखिल होने के चलते तीमारदारों को नवजात शिशुओं को लेकर वार्ड से बाहर बैठना पड़ता है। एक बिस्तर पर दो से तीन मरीज होने के चलते यहां शिशुओं को सुलाने तक की जगह नहीं बच रही है। ऐसे में जिन महिलाओं का ऑपरेशन हुआ है, उन्हें तो और अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में इस व्यवस्था से तीमारदार, मरीजों के परिजन व अन्य लोग भी नाराज हैं।
विज्ञापन

अमर उजाला ने रविवार दोपहर को जब मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में लाइव रियलिटी चेक किया तो पाया कि वार्ड के सभी बिस्तर भरे हुए हैं और एक-एक बिस्तर पर दो से तीन मरीज दाखिल हैं। तीमारदार वार्ड के बाहर गद्दे या चटाई बिछाकर नवजात बच्चों को लेकर बैठे हैं। वार्ड में मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन की इस व्यवस्था पर रोष जताते हुए महिलाओं के लिए और वार्ड खोलने की मांग की है। वार्ड में मरीजों की अधिक संख्या होने के कारण जहां कोरोना के सामाजिक दूरी नियमों को भी ठेंगा दिखाया जा रहा है, वहीं कोरोना से बचाव के लिए कोई उचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। ऐसे में यहां प्रसूता और गर्भवती महिलाओं की दिक्कतें बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कुल 300 बिस्तर की सुविधा है। इनमें से महिला रोग वार्ड में करीब 50 बिस्तर लगे हैं। जबकि, महिला रोग वार्ड में 120 के करीब दाखिले हैं। मेडिकल कॉलेज में कुल दाखिलों का आधा हिस्सा तो महिला रोग वार्ड में ही होता है। आजकल यहां कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
उधर, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की प्राचार्य डॉ. रितु शितक ने कहा कि वह शनिवार को ही शिमला से लौटी हैं। इस बारे में चिकित्सा अधीक्षक ही बता सकते हैं। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके अग्निहोत्री ने फोन नहीं उठाया।
विज्ञापन

एक बिस्तर पर तीन महिलाएं : मनीत
तीमारदार मनीत शर्मा ने कहा कि भोरंज अस्पताल से उन्हें मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेफर किया गया। यहां एडमिट होने के बाद बिस्तर नहीं मिला। इन्हें जो बिस्तर दिया गया, उस पर दो अन्य महिलाओं को भी दाखिल किया गया। इससे कोविड-19 नियमों की भी अवहेलना हुई और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
बैठकर बितानी पड़ रही रात : अतुला
अतुला देवी ने कहा कि बल्युट से अपनी भाभी की डिलीवरी के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आए। जो बेड इनकी भाभी को दिया गया उस पर पहले से ही कोई महिला दाखिल थी। पूरी रात दोनों को बैठकर बितानी पड़ रही है। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में चरमराईं व्यवस्थाएं : वनिता
तीमारदार वनिता ने कहा कि अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। अगर मरीजों की संख्या अधिक हो रही है तो प्रबंधन को व्यवस्था करनी चाहिए। अन्य वार्ड में खाली बिस्तरों पर महिलाओं को दाखिल किया जाना चाहिए। इससे तो कोरोना संक्रमण और बढ़ेगा।
बच्चे को लेकर बैठना पड़ रहा बाहर : संतोष
नादौन की संतोष ने कहा कि उनकी रिश्तेदार प्रसूता महिला वार्ड के अंदर बिस्तर पर हैं। बिस्तर पर अन्य महिला होने के चलते बच्चा वहां नहीं सुलाया जा सकता। इसलिए ओपीडी के बाहर बच्चे को लेकर बैठ रही हैं। मरीजों को ही बिस्तर नहीं मिल रहे हैं तो तीमारदारों को तो बाहर ही अपना बिस्तर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें