थाईं गांव में सात महीने से पेयजल समस्या, नहीं हुआ समाधान, लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज जोलसप्पड़ के समीप गांव थाईं के लोग सात महीने से पेयजल समस्या से परेशान हैं। सब्र का बांध टूटने पर ग्रामीणों ने खाली बर्तन रखकर जल शक्ति विभाग के प्रति विरोध प्रदर्शन किया।
15 वर्ष पूर्व गांव में लगे सार्वजनिक हैंडपंप से ही गांववासी पीने का पानी भरते थे। दो वर्ष पूर्व मेडिकल कॉलेज के निर्माण के दौरान जल शक्ति विभाग ने स्थानीय लोगों के विरोध के बाद भी हैंडपंप में मोटर लगाकर पानी की सप्लाई निर्माण कार्य में लगा दी। गांव में अन्य कोई भी जल स्रोत नहीं है। गांववासी पूरी तरह से विभाग की सप्लाई पर ही निर्भर हैं।
पिछले वर्ष क्षेत्र में फैले डायरिया की आड़ लेकर पेयजल सप्लाई को तीसरे दिन छोड़ने का फरमान जारी कर दिया गया। ऐसे में नियमित पेयजल सप्लाई न होने की वजह से गांववासी भीषण गर्मी में पानी की कमी से जूझ रहे हैं। वीरवार को ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग को नींद से जगाने के लिए हैंडपंप के पास खाली बर्तनों को रखकर आंशिक विरोध प्रदर्शन किया।
गांववासियों में रांझा राम, पानो देवी, अंजना कुमारी आदि ने विभाग से मांग की है कि सात महीनों से खराब पड़े हैंडपंप को तुरंत प्रभाव से ठीक करवाया जाए। वहीं, एक लिखित मांगपत्र विभाग के अधिशासी अभियंता को डाक के माध्यम से भी प्रेषित किया है।
कोट
मेरे ध्यान में शिकायत आज ही आई है। शीघ्र ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-राजीव सहगल, अधिशाषी अभियंता, जल शक्ति विभाग, नादौन मंडल