चिकित्सक के तबादले के विरोध में जंगलबैरी में प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझातीं एसडीएम।
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सुजानपुर (हमीरपुर)। उपमंडल सुजानपुर के तहत जंगलबैरी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से एक चिकित्सक के तबादले के विरोध में क्षेत्रवासियों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के अलावा भाजपा नेता भी शामिल रहे। ग्रामीणों ने रोष जताया कि चिकित्सक का बिना वजह से तबादला कर दिया गया। जबकि, चिकित्सक का कार्यकाल भी पूरा नहीं हुआ था। जंगलबैरी अस्पताल में साथ लगती करीब 15 पंचायतों के ग्रामीणों के लोग स्वास्थ्य जांच के लिए आते हैं। आमतौर पर 100 से डेढ़ सौ के करीब ओपीडी है। जिसमें साथ लगते कांगड़ा व मंडी जिले के लोगों के लिए भी सुविधा मिलती है। 25 माह पहले इस अस्पताल में डॉ. सुरेंद्र डोगरा की नियुक्ति हुई थी।
जिनके व्यवहार व कार्य करने की लग्न को लेकर ग्रामीणों में खासी पहचान है। गत दिनों डोगरा का जंगलबैरी से तबादला होने के कारण ग्रामीणों में खासा रोष हो गया। ग्रामीणों में यह भी रोष था कि सर प्लस स्टाफ का नियमों के मुताबिक ट्रांसफर किया जाता है, जबकि डोगरा इस नियम में नहीं आते थे। पंचायत प्रधान रेखा देवी, बजरोल पंचायत के प्रधान कैप्टन ओंकार चंद, उप प्रधान अरुण कुमार, त्रिलोक चंद, शेर सिंह, प्रताप चंद, संतोष कुमार सहित भाजपा पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने जंगलबैरी मैदान में एकत्रित होकर रोष जताया।
इसके बाद वे पीएससी तक गए। वहां पर उपमंडल अधिकारी नागरिक शिल्पी बेक्टा, खंड चिकित्सा अधिकारी रमेश डोगरा, पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन देकर चिकित्सक को 15 दिन तक वहां से रिलीव न करने की मांग रखते हुए कहा कि अगर उनका ट्रांसफर न रुका तो सड़क पर उतरने पर मजबूर होंगे। पंचायत जंदडू के प्रधान एवं भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रवीण ठाकुर ने बताया कि उन्होंने उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंप दिया है। जिसमें उन्होंने विभाग व सरकार से 15 दिन तक रिलीव न करने और तबादला रोकने की मांग उठाई है। प्रवीण ठाकुर ने कहा कि डॉक्टर के कुशल व्यवहार के चलते ग्रामीणों को बेहतर सुविधा मिल रही थी तथा ट्रांसफर न रुकी तो सड़क पर उतरने पर मजबूर हो जाएंगे।