जिला भर के डिपुओं में जनवरी माह में भी दाल और चीनी का कोटा नहीं पहुंच पाया है। इसके चलते अधिकतर डिपो होल्डर डिपुओं में ताला लटका कर घर बैठ गए हैं। डिपो होल्डरों का तर्क है कि पूरा राशन नहीं मिलने पर उपभोक्ता विभाग के बजाय उन्हें ही खरी-खोटी सुना रहे हैं।
इसके चलते उन्होंने उपभोक्ताओं का आधा-अधूरा राशन देने से तौबा कर ली है। डिपो होल्डर डिपुओं में पूरा राशन पहुंचने के बाद ही उपभोक्ताओं को राशन की आपूर्ति करने का हवाला दे रहे हैं। हमीरपुर जिला में कुल 292 डिपो हैं। इनमें कुल एक लाख 33562 राशन कार्डधारक हैं।
सभी राशनकार्ड धारकों को दिसबंर माह का चीनी और दालों का कोटा नहीं मिल पाया है। जनवरी माह का दालों और चीनी का कोटा भी अब तक डिपुओं में नहीं पहुंच पाया है। डिपो होल्डरों की मानें तो नवंबर माह से डिपुओं में राशन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। किसी माह दालें और चीनी नहीं मिल रही है तो किसी माह तेल की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके चलते राशनकार्ड धारक अपनी भड़ास डिपो होल्डरों पर निकाल रहे हैं।
उपभोक्ताओं के व्यवहार के चलते उन्होंने डिपुओं में आधा-अधूरा राशन देने से तौबा कर ली है। डिपो होल्डरों का कहना है कि जनवरी माह में चीनी, दाल चना और मसर की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। उपभोक्ताओं में प्रदीप कुमार, करतार सिंह, देशराज, सुनील कुमार, सुभाष चंद का कहना है कि डिपुओं में राशन न मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है। डिपो होल्डर आधा-अधूरा राशन होने का हवाला देकर उन्हें खाली हाथ लौटा रहे हैं।
गोदामों में राशन की पूरी सप्लाई पहुंच गई है। डिपो होल्डर गोदामों से राशन की सप्लाई क्यों नहीं उठा रहे, इसकी जांच की जाएगी। डिपुओं को बंद रखने वाले डिपो होल्डरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- जेसी वर्मा, डीएफसी, हमीरपुर