प्रदेश सरकार ने स्कूल हेल्थ कार्यक्रम को प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के हाथ से लेकर आयुष विभाग के हवाले कर दिया है। अब प्रदेश के स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग के बजाय आयुष विभाग के चिकित्सक सेवाएं देंगे। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों इसलिए स्कूल हेल्थ कार्यक्रम के लिए इस बार आयुर्वेदिक विभाग की सेवाएं ली जा रही हैं।
स्कूल हेल्थ कार्यक्रम के लिए टीमों का गठन इसी माह किया जाएगा। स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए मोबाइल टीमों का गठन किया जाएगा। इन टीमों में दो चिकित्सक होंगे, जिसमें एक महिला और एक पुरुष डॉक्टर के अलावा एक फार्मासिस्ट और एक फीमेल हेल्थ वर्कर शामिल रहेंगी।
खंड स्तर पर मोबाइल हेल्थ टीमों का गठन होगा। जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की गठित चयन कमेटी खंड स्तर की टीमों के लिए साक्षात्कार लेंगी। चयन कमेटी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला आयुर्वेदिक अधिकारी शामिल होंगे। ये टीमें ब्लॉक के तहत स्कूलों में जाकर यहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाएंगी। गंभीर बीमारी पर उन्हें जिला और मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।
हमीरपुर में आए 250 आवेदन
जिला हमीरपुर में छह ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक में एक-एक टीम होगी। बड़े ब्लॉकों में दो-दो टीमें होंगी। स्कूल हेल्थ कार्यक्रम के लिए 10 टीमें बनाई जाएंगी। जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पास अभी तक 250 के करीब आयुष डॉक्टरों ने रोजगार के लिए आवेदन कर चुके हैं।
स्कूल हेल्थ कार्यक्रम के लिए आयुष विभाग के डॉक्टरों की तैनाती करने के फरमान दिए हैं। इससे पहले कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर तैनात होते थे। खंड स्तर पर मोबाइल टीमों का गठन किया जाएगा। ये साल भर स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी।
- डॉ. नरेंद्र कुमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, हमीरपुर