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हड़ताल से मरीजों को समय पर नहीं मिल रहा उपचार

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मेडिकल कॉलेज में पेनडाउन हड़ताल के दौरान चिकित्सकों का इंतजार करते मरीज व तीमारदार। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर का पर्ची काउंटर सुबह साढ़े आठ बजे खुल रहा है, जबकि चिकित्सकों की हड़ताल के कारण मरीजों को पर्ची बनवाने के बाद तीन घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। शुक्रवार को भी हड़ताल से बेखबर लोग सुबह साढ़े आठ बजे से दस बजे के बीच अस्पताल पहुंचे, लेकिन ओपीडी में चिकित्सक न मिलने के कारण उन्हें डेढ़ से तीन घंटों का इंतजार करना पड़ा। हालांकि, चिकित्सकों ने पेन डाउन हड़ताल संबंधी ज्ञापन प्राचार्य को सौंपकर बीते वीरवार से यह हड़ताल शुरू की है, लेकिन पहले पर्ची बनवाकर अपना नंबर पहले डलवाने की होड़ और हड़ताल से बेखबर मरीज सुबह ही अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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शुक्रवार को अस्पताल की मेडिसिन, सर्जरी, मनोविज्ञान, हड्डी, गायनी और ईएनटी ओपीडी के बाहर सुबह साढ़े ग्यारह बजे तक लोगों की भीड़ उमड़ी रही। लोग चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। वहीं, चिकित्सकों ने हड़ताल के चलते इस अवधि के दौरान गेट मीटिंग कर मांगों के लिए प्रदर्शन किया। साढ़े ग्यारह बजे चिकित्सक ओपीडी में बैठे और मरीजों का उपचार शुरू किया। अस्पताल में रोजाना औसतन एक हजार के करीब ओपीडी होती है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की फैकल्टी चिकित्सक एसोसिएशन के प्रधान डॉ. संजय ठाकुर ने कहा कि दो घंटों की यह पेनडाउन हड़ताल 17 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान आपातकालीन और कोविड सेवाएं जारी रहेंगी। वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर हड़ताल जारी है।
क्या कहते हैं लोग-
दो घंटों तक करना पड़ा इंतजार
बख्शी राम ने कहा कि वह सुबह ही अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे और चिकित्सकों की हड़ताल के बारे में पता नहीं था। इस कारण दो घंटों तक चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान इंतजार के लिए खड़े रहने से परेशानी झेलनी पड़ी।
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सुबह ही पहुंचने के बावजूद समय पर नहीं मिले चिकित्सक : नीलम
नीलम ने कहा कि वह जिला मंडी से उपचार के लिए हमीरपुर पहुंची हैं, लेकिन सुबह जल्द पहुंचने के बावजूद चिकित्सक नहीं मिले। जब चिकित्सक बैठे तब तक मरीजों की भीड़ अधिक हो गई थी। सुबह साढ़े आठ बजे ही अस्पताल पहुंचने के बावजूद समय पर चिकित्सक नहीं मिले।
सरकार को माननी चाहिए चिकित्सकों की मांगें : प्रीतम
प्रीतम चंद ने कहा कि लोगों की परेशानियों को देखते हुए सरकार को चिकित्सकों की मांगें मानकर सुविधा देनी चाहिए। क्योंकि कोरोना काल में भी इन चिकित्सकों ने अपने कर्तव्य का पालन पूरी ईमानदारी से किया है। इसलिए सरकार को इनकी मांगों को पूरा करना चहिए।
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