एंबुलेंस में सहायता के तैनात सहायक भी आगे बैठा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। स्वास्थ्य खंड भोरंज के तहत एक मरीज को 108 एंबुलेंस में पीने के लिए पानी तक नहीं मिला। एंबुलेंस में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। करीब चार दिन पूर्व गरसाहड़ गांव के निवासी रमेश खेत में कार्य करते समय अचेत होकर गिर पड़े। खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया और उसके घर वालों को सूचित किया। तत्काल रमेशचंद को सिविल अस्पताल भोरंज में ले जाया गया। जहां उन्हें प्राथमिक उपचार देकर उनकी गंभीर हालत को देखते हुए सिविल अस्पताल भोरंज से जिला अस्पताल हमीरपुर रेफर कर दिया गया। जहां से उन्हें 108 एंबुलेंस में ले जाया गया। गरसाहड़ गांव के वार्ड सदस्य कृष्ण कुमार और देशराज मरीज रमेश के साथ 108 एंबुलेंस में बैठकर हमीरपुर के लिए गए। कृष्ण कुमार ने कहा कि उन्होंने 108 एंबुलेंस के चालक को मोड़ पर एंबुलेंस को धीरे चलाने को कहा। क्योंकि जब भी चालक मोड़ काटता था तो तेज गति के चलते तीनों एंबुलेंस की सीटों से नीचे गिर जा रहे थे। चालक ने उनकी एक न सुनी तेज गति के चलते मरीज रमेश कुमार उल्टियां करने लगा।
कृष्ण कुमार ने एंबुलेंस में बैठे सहायक से पानी मांगा तो सहायक ने कहा कि गाड़ी में पानी नहीं रखते हैं। जबकि, नियमानुसार 108 एंबुलेंस में मरीज को प्राथमिक उपचार देने की सभी सुविधाएं होती हैं और एंबुलेंस में जो सहायक बैठा होता है वह मरीज के साथ ही बैठा होता है और जरूरत पड़ने पर मरीज को प्राथमिक सेवाएं देता रहता है। बावजूद इसके सहायक, एंबुलेंस के चालक के साथ अगली सीट पर बैठा रहा। कृष्ण कुमार ने कहा कि एंबुलेंस के हालात किसी ट्राला जीप से कम नहीं है। उधर, बोएमओ भोरंज डॉ. ललित कालिया ने बताया कि मामला ध्यान में आया है। वह स्वयं इसकी गंभीरता से जांच करेंगे और इस पर कार्रवाई की जाएगी।