हमीरपुर। स्थानीय बस अड्डे की जमीन पर प्रस्तावित 60 करोड़ रुपये के सिटी सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परियोजना के तहत बस अड्डा परिसर में मौजूद दुकानों को हटाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए शिमला स्थित उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया गया है।
मंजूरी मिलते ही दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद सिटी सेंटर निर्माण की दिशा में अगला चरण आगे बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार यह पूरा प्रोजेक्ट दुकानों के हटने पर निर्भर है।
विभागीय स्वीकृति के बाद परिसर को खाली करवाने में लगभग दो महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बस अड्डा परिसर में लीज पर चल रही तीन दुकानों को नए बस अड्डा परिसर में स्थान देने की योजना है, जबकि अन्य दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
प्रशासन की ओर से बस अड्डे के आसपास संचालित 10 से अधिक दुकानों को 14 दिन के भीतर परिसर खाली करने के नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें जूस बार, कैमिस्ट शॉप, सब्जी विक्रेता और अन्य छोटे कारोबारी शामिल हैं, जो लंबे समय से यहां व्यवसाय कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पुराने बस अड्डे की जमीन पहले ही नगर निगम के नाम हस्तांतरित की जा चुकी है, जहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त सिटी सेंटर विकसित किया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन का दावा है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
कोटस
नए बस अड्डे में सभी दुकानदारों को दुकानें मिलेंगी या नहीं, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर अंतिम निर्णय प्रशासन को लेना है।
-राजकुमार, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी हमीरपुर
दो माह में निर्माण कार्य शुरू किए जाने की उम्मीद है। परिसर खाली होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
-दीपक कपिल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग हमीरपुर