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एचआरटीसी डिपो हमीरपुर की 65 खटारा बसों में सफर कर रहे यात्री

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एचआरटीसी वर्कशॉप हमीरपुर में बसों की मरम्मत में जुटा मेकेनिकल स्टाफ। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम की खटारा बसों में लोगों की जिंदगी खतरे में डाल सफर कराया जा रहा है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो में वर्तमान में 65 बसें अपने निर्धारित किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं। नियमों के तहत यह बसें ऑफ रोड होनी चाहिए थीं, लेकिन निगम में नई बसों के अभाव में इन जीरो वैल्यू बसों से काम चलाया जा रहा है। इसका खामियाजा परिवहन निगम के साथ-साथ यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
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यह जीरो वैल्यू बसें आए दिन बीच रास्ते हांफ रही हैं। गर्मी के मौसम में यात्रियों को न केवल सड़क किनारे धूप में खड़ा होकर दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा रहा है, बल्कि समय की भी बर्बादी हो रही है। निगम को भी राजस्व के रूप में घाटा उठाना पड़ रहा है। बीते लगातार तीन दिन से एचआरटीसी की बसें खराब हो रही हैं। जालंधर से हमीरपुर आ रही बस दो दिन पहले जोलसप्पड़ में खराब हुई तो हमीरपुर से दिल्ली जा रही बस के इंजन में गलोड़ के समीप खराबी आई। इसी तरह ऊना से मंडी जा रही बस गत दिवस बड़सर में हांफ गई थी। इससे इन बसों में सफर करने वाले यात्री खासे परेशान हुए। यात्री सरकार और निगम की कार्यप्रणाली को कोस रहे हैं।
प्रदेश सरकार उठाए उचित कदम
दि उपभोक्ता संरक्षण संगठन के अध्यक्ष एडवोकेट सुशील शर्मा, हिमाचल प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य एडवोकेट रोहित शर्मा, मनोहर लाल कानूनगो और पुरुषोत्तम कालिया ने कहा कि एचआरटीसी की बसें आए दिन खराब हो रही हैं। प्रदेश सरकार नई बसें खरीदने और खराब बसों को ठीक करने के बजाय चुनावी फायदे के लिए महिलाओं को बस किराये में 50 फीसदी छूट दे रही है। एचआरटीसी के चालकों-परिचालकों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा। वर्कशॉप में मेकेनिकों की कमी है। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। सरकार को एचआरटीसी की माली हालत सुधारने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।
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एचआरटीसी हमीरपुर डिपो की करीब 65 बसें निर्धारित किलोमीटर पूरा कर चुकी हैं। बेशक यह निर्धारित किलोमीटर पूरी कर चुकी हैं, लेकिन जिन बसों की हालत बढ़िया है, उन्हें लोकल रूट पर भेजा रहा रहा है। नई बसों को लेकर उच्चाधिकारियों से बात की गई है। शीघ्र नई बसें मिलने पर उन्हें लंबे रूट पर भेजा जाएगा।
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-विवेक लखनपाल, उपमंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी हमीरपुर डिपो।
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