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Hamirpur (Himachal) News: रात के समय बस स्टैंड से एक किमी दूर उतारी जा रहीं सवारियां

Wed, 10 Dec 2025 06:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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भोटा (हमीरपुर)। रात के समय लंबे रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम व निजी बसें बस अड्डा भोटा न आने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बसें यात्रियों को बस अड्डा से करीब एक किलोमीटर पीछे शिमला-हमीरपुर सड़क पर स्थित चैरिटेबल अस्पताल भोटा चौक पर ही उतार रही हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अपने सामान के साथ बस अड्डे तक पैदल ही ही सफर तय करना पड़ता है। रात को जहां लावारिस कुत्तों का डर बना रहता है, वहीं असामाजिक तत्वों द्वारा अनहोनी घटना को अंजाम देने की आशंका भी बनी रहती है। रात के समय लोगों को यहां पर टैक्सी की भी सुविधा नहीं मिलती है।
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दुकानदारों का कहना है कि कई बार वह दिल्ली या लुधियाना से वापस आते हैं तो बसें उन्हें अड्डे तक नहीं ले जाती हैं। लोगों संजीव कुमार, पवन कुमार, देवराज, हंसराज, विमला देवी, लाजो, निर्मला का कहना है कि अगर बस चालकों या परिचालकों को बस अड्डे के अंदर छोड़ने के लिए कहते हैं तो वह मना करते हैं तथा चौक पर ही उतरने के लिए विवश करते हैं। यात्रियों व व्यापारियों ने एचआरटीसी प्रबंधन से मांग की है कि वह बसों को अड्डे के अंदर ले जाने के निर्देश जारी किए जाए।



लंबे रूट की बसें यात्रियों को बस अड्डे पर छोड़ने के स्थान पर अस्पताल चौक पर ही उतार देती हैं। इससे व्यापार पर उल्टा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही यात्रियों को बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसका समाधान जरूरी है।
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- अनिल कानूगो, दुकानदार




दुकानदार कई बार दूसरे राज्यों से खरीदारी कर वापस आते हैं तो उन्हें चौक पर ही उतरना पड़ता है। कई बार लावारिस कुत्तों के हमले का भी डर बना रहता है। अगर बस चालकों को बस अड्डे पर उतारने के कहें तो वह बहसबाजी करना शुरू कर देते हैं।
- अरुण शर्मा, दुकानदार




रात को लंबे रूट की बसें चाहे वह निजी हों या सरकारी, अड्डे पर नहीं आती हैं। यात्रियों को रात के समय टैक्सी भी नहीं मिल पाती है। टिकट भोटा का दिया जाता है तो चौक पर एक किलोमीटर दूर उतारने का कोई औचित्य नहीं बनता है। अधिकारियाें को इस बारे में संज्ञान लेना चाहिए।
- चमन लाल, राहगीर



शिमला, लुधियाना, दिल्ली व अन्य स्थानों से आने वाली बसें अड्डे के अंदर नहीं आती हैं। अगर किसी ने रात को आना हो तो उसे टैक्सी करनी पड़ती है। इससे उन्हें एक किलोमीटर सफर का 200 रुपये भुगतान करना पड़ता है। इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- नीरज मलिक, राहगीर

अभी तक इस तरह की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। अगर कोई बस चालक ऐसा कर रहा है तो उसकी शिकायत अधिकारियों को दें। मामले की गंभीरता को देखते हुए बस अड्डा प्रभारी को निर्देश दिए जाएंगे कि वह सभी बस चालकों को बस अड्डे के अंदर ले जाने के लिए कहे।
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-राहुल कुमार, आरएम, एचआरटीसी हमीरपुर
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