हमीरपुर। जिला मुख्यालय में वाहन पार्किंग के शुल्क हवा हवाई और सुरक्षा जिम्मा शून्य है। पार्किंग स्थल किस स्थान पर किसके नाम पर है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।
निजी पार्किंग स्थलों में वाहनों को पार्क करने के लिए बाकायदा पर्ची काटी जाती है, लेकिन वाहनों की सुरक्षा को लेकर कोई भी नियम नहीं हैं। ऐसे में पैसे देकर सभी वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्किंग स्थलों में कैमरे और वाहनों की सुरक्षा को लेकर कोई भी व्यवस्था नहीं है।
गत वर्ष निजी पार्किंग स्थल से गाड़ी चोरी होने का मामला भी सामने आया था। इसके चलते नगर निगम ने 11 वार्डों में पार्किंग चला रहे संचालकों के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया, ताकि पार्किंग स्थलों में लोग बेफिक्र होकर वाहनों को पार्क कर सकें, लेकिन एक वर्ष में नगर निगम हमीरपुर के पास महज छह पार्किंग स्थलों के लिए पंजीकरण आवेदन आए हैं। इनमें से दो का ही पंजीकरण हुआ है। जबकि 11 वार्डों में दो दर्जन से अधिक संचालक पार्किंग चला रहे हैं।
संचालकों को पार्किंग चलाने के लिए नगर नगर निगम ने एक वर्ष पूर्व पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया था, लेकिन सुस्त कार्यप्रणाली और कार्रवाई न होने से पार्किंग संचालक पंजीकरण करवाने के लिए आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में मनमाने शुल्क और शून्य सुरक्षा प्रणाली के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
11 वार्डों में निजी पार्किंग स्थल चला रहे पार्किंग संचालकों के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। अभी तक 11 वार्डोंं में से महज छह पार्किंग संचालकों ने ही पंजीकरण करवाया है। उन्होंने सभी संचालकों से पंजीकरण कराने का आग्रह किया है।
-राहुल चौहान, आयुक्त नगर निगम, हमीरपुर
हमीरपुर बाजार में निजी पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहन। संवाद
हमीरपुर बाजार में निजी पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहन। संवाद