संवाद न्यूज एजेंसी
भोरंज (हमीरपुर)। कोरोना महामारी के दौरान सिविल अस्पताल भोरंज में प्रस्तावित 500 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) ऑक्सीजन प्लांट की योजना चार वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। अस्पताल में प्लांट के लिए भवन और स्थान तैयार होने के बावजूद अभी तक उपकरण नहीं पहुंच पाए हैं।
वर्तमान में अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। बेड तक सिलिंडर कनेक्शन की व्यवस्था की गई है। यदि प्रस्तावित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित हो जाता तो अस्पताल परिसर में ही ऑक्सीजन उत्पादन संभव हो पाता और आपात स्थिति में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती थी।
कोरोना काल में सुजानपुर और टौणीदेवी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई थी, जो अब संचालित हो रहे हैं, जबकि भोरंज अस्पताल का प्रस्ताव अभी लंबित है।
वहीं, खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) भोरंज डॉ. ललित कालिया ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। स्वीकृति और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।