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स्त्री रोग ओपीडी में महज एक चिकित्सक, 80 के बाद लौटाए मरीज

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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के स्त्री रोग विभाग की ओपीडी के बाहर अपनी बारी का इंतजार करतीं महिलाएं। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। यह डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की स्त्री रोग ओपीडी है। दिन वीरवार, समय सुबह 11 बजे। ओपीडी में एक चिकित्सक मौजूद है। दिनभर में महज 80 मरीजों की ही जांच हुई। जबकि अन्य मरीजों को अगले दिन आने के लिए कहा गया। यहां की ओपीडी रोजाना 100 के पार होती है। मेडिकल कॉलेज का स्त्री रोग विभाग वर्तमान में चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। यहां स्वीकृत 15 पदों में से महज आठ चिकित्सक ही सेवाएं दे रहे हैं।
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स्त्री रोग विभाग में कुल 15 पदों में से प्रोफेसर का एक, एसोसिएट प्रोफेसर के दो जबकि जूनियर रेजिडेंट के सभी पद खाली चल रहे हैं। कॉलेज में महज पांच असिस्टेंट प्रोफेसर और तीन सीनियर रेजिडेंट ही सेवाएं दे रहे हैं। महज आठ चिकित्सक होने से कुछ की ड्यूटी कक्षाओं तो कुछ की वार्डों में होती है। ओपीडी में एक या दो ही चिकित्सक बचते हैं। ऐसे में मरीजों को उपचार के लिए परेशानी झेलनी पड़ती है। उधर, स्त्री रोग विभाग के एचओडी डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा कि विभाग में चिकित्सकों के पद खाली चल रहे हैं। वार्डों व कक्षाओं में चिकित्सक होते हैं। एक दो डॉक्टरों के छुट्टी पर चले जाने से परेशानी आती है।
क्या कहते हैं मरीज-
ओपीडी प्रवेश द्वार के पास से लौटाया : राजेंद्र
सवा बारह बजे ओपीडी के बाहर खड़े राजेंद्र सिंह का कहना है कि वह अपनी बेटी के उपचार के लिए टैक्सी के माध्यम से मेडिकल कॉलेज पहुंचे। लेकिन, ओपीडी में महज एक चिकित्सक है और प्रवेश द्वार पर उन्हें यह कहकर मना कर दिया गया कि 80 पर्चियां हो गई हैं। आप अगले दिन आओ। राजेंद्र ने कहा कि टैक्सी का किराया खर्च कर वह अस्पताल पहुंचे और उन्हें वापस भेजा गया।
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सवा 12 बजे तक भी नहीं पड़ा नंबर : दीक्षा
12:20 पर दीक्षा ने कहा कि वह सुबह से इंतजार कर रही हैं। दोपहर सवा 12 बजे तक भी उनका नंबर नहीं पड़ा। हालांकि, सुबह जल्दी आए थे तो पर्ची भी जल्दी बन गई थी। उन्होंने कहा कि कॉलेज को ओपीडी में अधिक चिकित्सक तैनात करने चाहिए। सबसे ज्यादा भीड़ यहां होती है।
सुबह की भूखी प्यासी इंतजार करती हैं महिलाएं: अनीता
12:22 पर अनीता ने कहा कि 40वें नंबर पर उनकी पर्ची बनी। लेकिन, एक चिकित्सक होने के चलते उनका नंबर अभी तक नहीं पड़ा। सुबह की बैठकर इंतजार कर रही हैं। महिलाएं टेस्ट करवाने के लिए भूखी प्यासी घर से आई होती हैं, इसलिए यहां अधिक चिकित्सक तैनात करने चाहिए ताकि, समय पर नंबर पड़ सके।
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