150 में से 50 ठेकों को ही मिला एफएसएसएआई लाइसेंस, विभाग ने प्रक्रिया पूरी करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में शराब ठेकों को खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाने की कवायद तेज होने के बावजूद अभी महज 33 फीसदी ठेकों के पास ही जरूरी खाद्य सुरक्षा लाइसेंस है। जिले के करीब 150 शराब ठेकों में से 50 को खाद्य सुरक्षा विभाग लाइसेंस जारी कर चुका है, जबकि करीब 100 ठेकों की प्रक्रिया अब भी पूरी नहीं हुई है।
जिले में चार शराब ठेकेदारों के पास ये सभी 150 ठेके हैं। विभाग ने सभी कारोबारियों को लाइसेंस प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। करीब डेढ़ माह पहले 150 में से केवल पांच शराब ठेकों के पास ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) का लाइसेंस था।
विभाग की ओर से ठेकेदारों को लाइसेंस लेने के निर्देश देने और कार्रवाई शुरू करने के बाद यह संख्या बढ़कर 50 हो गई है। हालांकि अभी भी करीब दो-तिहाई ठेके लाइसेंस के बिना संचालित हो रहे हैं।
विभाग की ओर से जागरूकता बढ़ाने के साथ लाइसेंस के लिए आवेदन की संख्या भी बढ़ी है। ऑनलाइन आवेदन में जमा दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। विभाग ने सभी कारोबारियों से लाइसेंस प्रक्रिया पूरी करने और सहयोग करने की अपील की है, ताकि उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
50 हजार का अदालत ने लगाया जुर्माना
भोरंज में लाइसेंस प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर एक शराब ठेकेदार के खिलाफ मामला अदालत तक पहुंचा था। अदालत ने संबंधित ठेकेदार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद जिले में शराब ठेकेदार लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर सजग हुए हैं। वहीं, कांगू क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक शराब ठेके का चालान भी किया है।
फ्रूट वाइन शॉप का विभाग के पास आंकड़ा नहीं
फ्रूट वाइन शॉप के लिए भी खाद्य सुरक्षा लाइसेंस लेना जरूरी है। हालांकि जिले में ऐसी कितनी दुकानें संचालित हैं, इसका आंकड़ा अभी खाद्य सुरक्षा विभाग के पास नहीं है। विभाग इन दुकानों को भी लाइसेंस प्रक्रिया के दायरे में लाने की तैयारी कर रहा है।
ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन के बाद लाइसेंस
खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के लिए एफएसएसएआई के आधिकारिक एफओएससीओएस (फॉसकॉस) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। विभाग के अनुसार शराब ठेके के लाइसेंस के लिए अलग से निरीक्षण जरूरी नहीं है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद लाइसेंस जारी किया जा रहा है।
कोट
सभी कारोबारी लाइेंस प्रक्रिया को अपनाएं। सभी विभाग का सहयोग करें, ताकि उपभोक्ता की खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता न हो। हालांकि, आवेदन का आंकड़ा बढ़ा है। ऑनलाइन आवेदन में दस्तावेजों को वैरीफाई कर लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं।
-महेश कश्यप, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग हमीरपुर